
उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती देने वाली एक बेहद हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) और उनके परिवार पर सरेराह जानलेवा हमला किया गया। यह दुस्साहसिक वारदात आगरा-अलीगढ़ हाईवे पर खंदौली थाना क्षेत्र के मई चौराहे के पास 24 अक्टूबर को घटी।
जानकारी के अनुसार, अलीगढ़ न्यायालय की कोर्ट संख्या पांच में तैनात एडीजे अली मुस्तफा अपने पिता गुलाम मुस्तफा, मां और सुरक्षा गार्ड (गनर) के साथ लखनऊ से अलीगढ़ लौट रहे थे। यमुना एक्सप्रेस-वे से उतरकर जब उनकी गाड़ी आगरा-अलीगढ़ मार्ग पर जवाहर इंटर कॉलेज के सामने पहुंची, तभी शराब के नशे में धुत एक बाइक सवार ने उनकी कार में चालक की तरफ से जोरदार टक्कर मार दी।
दुर्घटना के बाद जब न्यायिक अधिकारी ने अपनी कार रुकवाई और लापरवाही से गाड़ी चला रहे बाइक सवार को शांतिपूर्वक समझाने का प्रयास किया, तो स्थिति अचानक हिंसक हो गई। बाइक सवार युवक ने गाली-गलौज शुरू कर दी और अपना नाम भूपेंद्र बताते हुए खुद को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का जवान बताया।
विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी भूपेंद्र ने अपने 30 से 40 अन्य साथियों को मौके पर बुला लिया और इस अनियंत्रित भीड़ ने जज के परिवार पर हमला बोल दिया। इस हिंसक झड़प में हमलावरों ने जज, उनके बुजुर्ग पिता और गनर के साथ बेरहमी से मारपीट की। इस क्रूर हमले में एडीजे के पिता की नाक और दोनों हाथों की कलाइयों पर गंभीर चोटें आई हैं।
हालात इतने बेकाबू हो गए कि बेखौफ बदमाशों ने कार को आग के हवाले करने और पूरे परिवार को जान से मारने की कोशिश भी की। किसी तरह अपनी और अपने परिवार की जान बचाकर न्यायिक अधिकारी वहां से कार निकालने में सफल रहे, लेकिन इसी बीच मुख्य आरोपी भूपेंद्र ने कार के पिछले शीशे पर हेलमेट या किसी अन्य भारी वस्तु से वार कर उसे बुरी तरह तोड़ दिया।
घटना की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पीड़ित जज ने आपातकालीन नंबर 112 पर मदद के लिए कॉल भी किया, लेकिन उन्हें मौके पर तुरंत कोई पुलिस सहायता नहीं मिल सकी। अंततः स्थिति की नजाकत को भांपते हुए उन्होंने स्थानीय थाना प्रभारी को फोन कर पूरी घटना से अवगत कराया।
इस अति-संवेदनशील प्रकरण का संज्ञान लेते हुए पुलिस प्रशासन अब पूरी तरह से हरकत में आ गया है। पुलिस ने जज की तहरीर के आधार पर मुख्य आरोपी भूपेंद्र, जो हाथरस जिले के सादाबाद स्थित गोविंदपुर का निवासी है, और उसके 30 से 40 अज्ञात साथियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर ली है।
पश्चिमी जोन के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) आदित्य सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस की टीमें सभी अज्ञात हमलावरों को चिह्नित करने में जुटी हुई हैं और मुख्य आरोपी सहित अन्य फरार लोगों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए सघन दबिश दी जा रही है।



