
मुंबई के ऐतिहासिक अगस्त क्रांति मैदान में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान अभिनेता इमरान खान को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। रिहाई के बाद उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे प्रदर्शन स्थल से जाते हुए पुलिसकर्मियों की ओर हाथ हिलाकर तंजिया अंदाज में “जय हिंद!” बोलते दिखाई दे रहे हैं। शनिवार को हुए इस घटनाक्रम से जुड़े कई वीडियो इंटरनेट पर चर्चा का विषय बने हुए हैं।
सोशल मीडिया पर सामने आए अन्य वीडियो में इमरान खान और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस भी नजर आ रही है। पुलिसकर्मियों ने उन्हें बाहर जाने से रोकने के लिए मानव श्रृंखला बना रखी थी। इस दौरान अभिनेता की साथी लेखा वाशिंगटन और उनकी कजिन ज़ैन मैरी खान पूरी घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग करते हुए अधिकारियों से हिरासत का कारण और जरूरी वारंट या कानूनी दस्तावेज दिखाने की मांग करती दिखीं। बाद में पुलिस ने तीनों को रिहा कर दिया।
रिहाई के बाद एक वीडियो में अपना अनुभव साझा करते हुए इमरान खान ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आया कि उन्हें क्यों पकड़ा गया था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पुलिस ने सड़क से उन्हें उठाकर सीधे वैन में बैठने को कहा, और करीब दो घंटे तक गाड़ी में घुमाने के बाद एक अज्ञात स्थान पर छोड़ दिया। वहीं लेखा वाशिंगटन ने यह भी आरोप लगाया कि रिहाई के बाद उन्हें तुरंत कैब लेने की अनुमति भी नहीं दी गई।
मुंबई पुलिस ने अगस्त क्रांति मैदान और पास के नाना चौक पर एकत्र हुए 400 से अधिक प्रदर्शनकारियों को एहतियातन हिरासत में लिया था। इस विरोध प्रदर्शन का आह्वान महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित हेराफेरी और फॉर्म-6 से जुड़े विवाद के खिलाफ किया था। प्रदर्शन स्थल की ओर बढ़ रहे तुषार गांधी को भी पुलिस ने हिरासत में लिया और बाद में छोड़ दिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बॉम्बे उच्च न्यायालय के आदेश के तहत अगस्त क्रांति मैदान विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल नहीं है, इसलिए कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए यह निवारक कार्रवाई की गई। गौरतलब है कि 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत इसी ऐतिहासिक मैदान से हुई थी। इसी मुद्दे को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन का आह्वान किया था, जिसके चलते मुंबई से लेकर दिल्ली तक सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त रखी गई।



