उत्तराखंड

सीएम धामी ने जवानों के साथ मनाया दिवाली मिलन समारोह, सीमांत इलाकों को ‘वाइब्रेंट विलेज’ बनाने के संकल्प को दोहराया

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 7 नवंबर को देहरादून के गढ़ी कैंट स्थित गढ़वाल राइफल्स के प्रशिक्षण मैदान में सेना के जवानों के साथ ‘दिवाली मिलन’ कार्यक्रम में शिरकत की। इस खास और भावुक मौके पर उन्होंने देश की सुरक्षा में दिन-रात तैनात वीर जवानों के अदम्य साहस को नमन किया और राज्य के सीमावर्ती इलाकों को ‘वाइब्रेंट विलेज’ (जीवंत और सक्रिय गांव) के रूप में विकसित करने की दिशा में हो रहे अभूतपूर्व कार्यों पर विस्तार से चर्चा की।

मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस ऐतिहासिक विजन का प्रमुखता से जिक्र किया, जिसके तहत सीमांत गांव ‘माणा’ को भारत के ‘अंतिम गांव’ की बजाय देश के ‘पहले गांव’ का सम्मानजनक दर्जा दिया गया है। बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि अब आदि कैलाश के पास स्थित गुंजी और लिपुलेख जैसे दुर्गम और सुदूर इलाकों तक भी पक्की सड़कों का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है।

पुरानी रक्षात्मक नीतियों पर कटाक्ष करते हुए धामी ने कहा कि पहले यह तर्क दिया जाता था कि सीमा पर सड़कें बनाने से दुश्मनों को भारतीय सीमा में प्रवेश करने में आसानी होगी, और इसी डर के कारण देश के 60 से 70 साल बिना विकास के ही बीत गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब वह पुरानी व्यवस्था और सोच पूरी तरह से बदल चुकी है।

सीमांत क्षेत्रों में नई ऊर्जा का संचार करने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाई गई पहलों का उल्लेख करते हुए सीएम धामी ने उच्च-ऊंचाई (हाई-अल्टीट्यूड) वाली खेल गतिविधियों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि हाल ही में उनके आदि कैलाश दौरे के दौरान गुंजी गांव में ‘आदि कैलाश रन’ का सफल आयोजन किया गया था। इसी तर्ज पर अब आगामी मई माह में मलारी और नीति घाटी जैसे दुर्गम क्षेत्रों में एक बड़ी मैराथन आयोजित करने की व्यापक तैयारी चल रही है।

इन दूरस्थ क्षेत्रों को ‘वाइब्रेंट विलेज’ के रूप में विकसित करने के लिए बड़े पैमाने पर सड़कों, पुलों और सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही, ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क बिछाकर डिजिटल कनेक्टिविटी को पहले से कहीं अधिक मजबूत किया गया है, जिससे न केवल स्थानीय नागरिकों को लाभ हो रहा है, बल्कि हमारे सशस्त्र बलों की गतिशीलता और संचार प्रणाली भी अत्यधिक उन्नत हुई है।

कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री ने जवानों का उत्साह बढ़ाते हुए उनके साथ मिलकर ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने वाले वीर जवानों के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज विश्व स्तर पर भारत की जो सशक्त और मजबूत पहचान बन रही है, उसमें हमारी सेना का अतुलनीय योगदान है। जवानों की मुस्तैदी और बलिदान के कारण ही आज पूरा देश सुरक्षित है और हम सब शांति से अपने त्योहार मना पा रहे हैं। उन्होंने सभी सैनिकों और उनके परिवारों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

इससे एक दिन पूर्व 6 नवंबर को, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के बलबीर रोड स्थित बीजेपी प्रदेश कार्यालय में भी दीपावली मिलन कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। वहां उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, पदाधिकारियों और पार्टी कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं देते हुए दीपावली को अंधकार पर प्रकाश, झूठ पर सत्य और निराशा पर आशा की जीत का पावन प्रतीक बताया।

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