उत्तराखंड

पत्रकारों को सीएम धामी का दिवाली तोहफा: पेंशन राशि में बढ़ोतरी और मान्यता प्राप्त पत्रकारों की संख्या बढ़ाने का बड़ा ऐलान

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में उत्तरांचल प्रेस क्लब द्वारा आयोजित ‘दीपावली महोत्सव’ में शिरकत की और राज्य के सभी पत्रकारों व प्रेस क्लब के सदस्यों को दीपावली की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी के लिए सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और जन-कल्याण की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि रोशनी का यह त्योहार हर घर में खुशियां लेकर आएगा।

इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने पत्रकारों के हित में दो बेहद महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। पहली घोषणा के तहत उन्होंने बताया कि अब तहसील, जिला और राज्य स्तर पर मान्यता प्राप्त पत्रकारों (Accredited Journalists) के कोटे और संख्या में वृद्धि की जाएगी। इसके साथ ही, उन्होंने पत्रकारों को दी जाने वाली सम्मान/पेंशन राशि में भी बढ़ोतरी करने का एक बड़ा ऐलान किया, जिसका वहां मौजूद सभी मीडियाकर्मियों ने स्वागत किया।

प्रेस क्लब को संबोधित करते हुए सीएम धामी ने कहा कि पत्रकारिता न केवल लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, बल्कि यह समाज और सरकार के बीच संवाद का एक सबसे मजबूत और विश्वसनीय सेतु भी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जहां एक ओर पत्रकार सरकारी नीतियों और कल्याणकारी योजनाओं को आम नागरिकों तक पहुंचाते हैं, वहीं दूसरी ओर वे जनता की समस्याओं, अपेक्षाओं और चिंताओं से भी सरकार को अवगत कराते हैं। देवर्षि नारद की संचार परंपरा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पत्रकार पूरी लगन के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं और सुशासन को प्रभावी बनाने में उनका फीडबैक बेहद अहम भूमिका निभाता है।

डिजिटल युग में पत्रकारिता के बदलते स्वरूप पर भी मुख्यमंत्री ने अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया ने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपार संभावनाएं पैदा की हैं, लेकिन इसके साथ ही ‘फेक न्यूज़’ (भ्रामक जानकारी) का प्रसार भी एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। ऐसे समय में तथ्यों की जांच कर जनता तक सटीक और निष्पक्ष जानकारी पहुंचाना पत्रकारों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है, क्योंकि विश्वसनीय पत्रकारिता ही समाज को गुमराह होने से बचा सकती है और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत कर सकती है।

सीएम धामी ने राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि सरकार पत्रकारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा, आपातकालीन मदद और आवास जैसी व्यावहारिक समस्याओं को हल करने के लिए पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने याद दिलाया कि सरकार ने पहले भी पत्रकार कल्याण कोष (कॉर्पस फंड) की राशि को 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दिया था।

राज्य को जनसंचार का एक मजबूत केंद्र बनाने के उद्देश्य से पूरे उत्तराखंड में मीडिया सेंटरों और प्रेस क्लबों के आधुनिकीकरण का काम तेजी से किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने ‘विकसित उत्तराखंड’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पत्रकारों से इसी तरह के रचनात्मक सहयोग की अपील की। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी और प्रेस क्लब के तमाम पदाधिकारी मौजूद रहे।

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