
राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार (1 नवंबर) को विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली का आयोजन किया जा रहा है। इस रैली के जरिए विपक्षी नेता चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता का मुद्दा उठाएंगे। वहीं, इस आयोजन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है।
बीजेपी ने दिल्ली के अपने आधिकारिक एक्स (X) हैंडल से पोस्ट कर इस महारैली को “ठगों का मेला” करार दिया और आरोप लगाया कि इसका उद्देश्य देश-विरोधी ताकतों के इशारे पर अफवाह और अराजकता फैलाकर अपनी राजनीतिक जमीन बचाना है।
रैली को सफल बनाने के लिए रामलीला मैदान में शनिवार देर रात तक व्यापक तैयारियां की गईं। मैदान में तिरंगे की थीम पर दो विशाल मंच और बड़े पंडाल बनाए गए हैं, जिनमें से एक मुख्य मंच शीर्ष नेताओं के लिए और दूसरा विभिन्न प्रदेश इकाइयों के लिए है। जनता के बैठने के लिए लगभग 40 से 45 हजार कुर्सियों की व्यवस्था की गई है।
दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव के अनुसार, इस महारैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत गठबंधन के कई प्रमुख नेता शामिल होंगे। सभी बड़े नेताओं के दोपहर 12:30 से 1 बजे के बीच मंच पर पहुंचने और जनसभा को संबोधित करने की उम्मीद है।
आयोजन में भारी भीड़ जुटने की संभावना के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के कड़े इंतजाम किए हैं। लोगों को नियंत्रित करने के लिए मैदान में जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है और प्रवेश व निकास की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। यह रैली सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी, जबकि मुख्य कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच आयोजित किया जाएगा।




