
त्योहारी सीजन में आभूषणों की खरीदारी की योजना बना रहे आम उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमती धातुओं के बाजार में लगातार गिरावट का दौर जारी है। शुक्रवार, 30 अक्टूबर को भी वैश्विक बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में भारी नरमी देखने को मिली।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस निरंतर गिरावट के पीछे मध्य पूर्व में चल रहा भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिका में बढ़ती मुद्रास्फीति और कच्चे तेल की कीमतों में हो रहा भारी उतार-चढ़ाव मुख्य रूप से जिम्मेदार है। हालांकि, भविष्य में इन धातुओं की कीमत किस ओर करवट लेगी, यह पूरी तरह से वैश्विक बाजार की बदलती आर्थिक परिस्थितियों पर ही निर्भर करेगा।
भारतीय वायदा बाजार यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर इस गिरावट का सीधा और गहरा असर देखने को मिला है। शुक्रवार को दिसंबर डिलीवरी वाले सोने के भाव में लगभग 800 रुपये की बड़ी टूट दर्ज की गई, जिसके बाद यह 1,41,852 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
इसी तरह, चांदी की कीमतों में भी करीब 2,500 रुपये की भारी गिरावट आई और यह लुढ़ककर 1,87,029 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास आ गई। घरेलू सर्राफा बाजार में भी कीमतों पर दबाव स्पष्ट रूप से नजर आ रहा है, जहां 24 कैरेट शुद्धता वाला सोना लगभग 1,42,210 रुपये, 22 कैरेट सोना 1,30,359 रुपये और 18 कैरेट सोना 1,06,508 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बिक रहा है। वहीं, घरेलू बाजार में चांदी की कीमत भी घटकर 1,87,530 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई है।
इस वर्ष की शुरुआत में सोने ने जो रिकॉर्ड ऊंचाई छुई थी, उसके मुकाबले वर्तमान कीमतें ग्राहकों के लिए काफी आकर्षक बन गई हैं। गौरतलब है कि 29 जनवरी को एमसीएक्स पर सोने ने 1,93,000 रुपये प्रति 10 ग्राम का अपना सर्वकालिक उच्चतम (ऑल टाइम हाई) स्तर छुआ था।
वर्तमान में यह कीमत घटकर लगभग 1,42,000 रुपये रह गई है, जिसका सीधा अर्थ है कि सोना अपने रिकॉर्ड स्तर से करीब 50,000 रुपये सस्ता हो चुका है। प्रतिशत के दृष्टिकोण से देखें तो यह गिरावट लगभग 25 फीसदी की है। पुराने रिकॉर्ड को दोबारा छूने के लिए सोने को मौजूदा स्तर से फिर से 25 प्रतिशत की छलांग लगानी होगी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार (कॉमेक्स) पर भी स्थिति सुस्त बनी हुई है, जहां शुक्रवार को सोना 0.68 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,004 डॉलर प्रति औंस और चांदी 2.07 प्रतिशत के नुकसान के साथ 51.295 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है। वैश्विक बाजार की इसी सुस्ती ने त्योहारी सीजन में गहने खरीदने वालों को एक बेहतरीन अवसर प्रदान किया है।
कीमतों में आ रही यह कमी उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ कम करेगी, लेकिन बाजार में जारी उतार-चढ़ाव को देखते हुए यह सलाह दी जाती है कि अंतिम खरीदारी करने से पहले अपने शहर के स्थानीय रेट और आभूषणों पर लगने वाले मेकिंग चार्ज की सटीक जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।


