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राहुल गांधी का मोदी-शाह पर तीखा प्रहार: “आपराधिक तरीके से बर्बाद किया जा रहा टाटा समूह, आखिर कब तक चुप रहेंगे उद्योगपति?”

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए एक बड़ा राजनीतिक धमाका किया है। इस बार उनके निशाने पर सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हैं।

राहुल गांधी ने देश के सबसे प्रतिष्ठित व्यापारिक घरानों में से एक ‘टाटा समूह’ (Tata Group) को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि टाटा को एक सुनियोजित और आपराधिक साजिश के तहत बर्बाद किया जा रहा है, और हैरानी की बात यह है कि देश का पूरा उद्योग जगत इस पर मौन साधे हुए है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर फूटा गुस्सा

राहुल गांधी ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक तीखी पोस्ट साझा करते हुए अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा कि जिस तरह से टाटा को आपराधिक तरीके से खत्म करने की कोशिश की जा रही है, वह चिंताजनक है। उन्होंने बड़े कॉरपोरेट घरानों और उद्योगपतियों की चुप्पी पर सीधा प्रहार करते हुए उनसे सवाल पूछा, “आखिर कब तक चुप रहोगे? क्या तुम तब तक खामोश बैठे रहोगे, जब तक वे पूरी तरह से तुम्हारे मालिक नहीं बन जाते?”

‘भारतीय कारोबार मोदी-शाह का खिलौना नहीं’

कांग्रेस नेता ने अपनी बात को और धार देते हुए कहा कि भारत का व्यापारिक ढांचा और यहां का कारोबार प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खेलने का कोई ‘खिलौना’ नहीं है। उन्होंने देश के बड़े उद्योगपतियों में साहस की भारी कमी होने का आरोप लगाया। उनका इशारा साफ था कि देश के बड़े कारोबारी डर के साये में जी रहे हैं और सरकार की कथित मनमानियों के खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।

कांग्रेस ने दिलाया न्याय का भरोसा

उद्योग जगत को आश्वस्त करते हुए और केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी मूकदर्शक बनकर नहीं रहेगी। उन्होंने वादा किया कि उनकी पार्टी इन कथित आर्थिक अपराधों और व्यापारिक घरानों पर हो रहे हमलों के खिलाफ मजबूती से लड़ेगी और न्याय सुनिश्चित करेगी।

राजनीतिक और व्यापारिक गलियारों में हलचल

राहुल गांधी के इस बेहद आक्रामक बयान ने ना सिर्फ राजनीतिक गलियारों में, बल्कि कॉरपोरेट सेक्टर में भी एक नई बहस छेड़ दी है। टाटा समूह जैसे बड़े और पुराने ब्रांड का नाम इस राजनीतिक खींचतान में आने से आने वाले दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने की पूरी संभावना है।

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