उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक निजी नर्सिंग कॉलेज की जीएनएम प्रथम वर्ष की छात्रा का शव रेलवे ट्रैक पर क्षत-विक्षत हालत में बरामद हुआ। मूल रूप से मैनपुरी जिले के औंछा थाना क्षेत्र की रहने वाली यह छात्रा मटसैना स्थित कॉलेज के हॉस्टल में रहकर अपनी पढ़ाई पूरी कर रही थी।
बुधवार की सुबह जब नाश्ते के समय वह अपने कमरे में नहीं दिखी, तो साथी छात्राओं और कॉलेज प्रशासन ने घबराहट में उसकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद जब कोई सुराग नहीं मिला, तो पुलिस से सूचना प्राप्त हुई कि मटसैना क्षेत्र के मोढ़ा कनैटा रेलवे लाइन पर एक अज्ञात युवती का शव पड़ा है, जिसे मोर्चरी भेज दिया गया है। वहां पहुंचकर कपड़ों के आधार पर कॉलेज प्रशासन और साथी छात्राओं ने भारी मन से उसकी शिनाख्त की।
इस रहस्यमयी मौत के मामले में पुलिस की जांच के दौरान हॉस्टल के सीसीटीवी फुटेज ने जांच को एक नया रूप दे दिया है। कैमरों की रिकॉर्डिंग में यह स्पष्ट रूप से नजर आ रहा है कि मंगलवार रात करीब एक बजे छात्रा अपने कमरे से निकलकर अकेले ही हॉस्टल की बाउंड्रीवॉल फांदती है और महज 300 मीटर दूर स्थित रेलवे ट्रैक की दिशा में जाती है। इसके अतिरिक्त, पुलिस की प्रारंभिक छानबीन में यह बात भी निकलकर सामने आई है कि मृतका की शिकोहाबाद के रहने वाले एक युवक से फोन पर लगातार बातचीत होती थी।
बताया जा रहा है कि हाल ही में दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसके परिणामस्वरूप युवक ने तीन दिन पहले छात्रा का नंबर ब्लॉक कर दिया था। इसी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और घटनाक्रम के आधार पर पुलिस इसे प्रेम-प्रसंग में विवाद और मोबाइल ब्लॉक होने से आहत होकर की गई आत्महत्या का मामला मान रही है।
दूसरी तरफ, घटना की सूचना मिलते ही बदहवास हालत में पहुंचे परिजनों ने पुलिस की आत्महत्या की थ्योरी को सिरे से खारिज कर दिया है। परिवार वालों का सीधा आरोप है कि उनकी बेटी के साथ पहले दरिंदगी (दुष्कर्म) की गई और फिर साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उसकी बेरहमी से हत्या कर शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया। परिजनों के इस कड़े विरोध के चलते पुलिस और उनके बीच काफी देर तक जिरह भी होती रही, जिससे पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में भी विलंब हुआ।
इस पूरी घटना में मृतका के साथ रहने वाली साथी छात्राओं का बयान भी काफी महत्वपूर्ण है। उनका कहना है कि मंगलवार रात तक छात्रा का व्यवहार बिल्कुल सामान्य था और उसने किसी भी तरह के मानसिक तनाव या परेशानी का जिक्र अपनी सहपाठियों से नहीं किया था, जिससे यह घटना उनके लिए भी एक बड़ा सदमा है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीओ सदर तेजस त्रिपाठी ने स्पष्ट किया है कि पुलिस परिजनों की सभी गंभीर आशंकाओं को ध्यान में रख रही है। सीसीटीवी फुटेज में छात्रा के अकेले जाने के साक्ष्य मौजूद हैं, फिर भी किसी जल्दबाजी में निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय पुलिस हर संभावित बिंदु पर पूरी निष्पक्षता और गहनता से जांच कर रही है ताकि मौत की असली वजह सामने आ सके।




