
उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता योगेश प्रताप सिंह ने हाल ही में हुए शिक्षक और स्नातक एमएलसी (MLC) चुनाव के नतीजों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने चुनाव में धांधली का दावा करते हुए कहा है कि अगर मतदान और मतगणना निष्पक्ष तरीके से होती, तो नतीजे भाजपा के पक्ष में नहीं होते। इसके साथ ही उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर भी बड़ा दावा किया है।
एमएलसी चुनाव में धांधली के आरोप योगेश प्रताप सिंह ने एमएलसी चुनाव के 6-5 के नतीजों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि चुनाव निष्पक्ष होते, तो परिणाम 8-3 के आसपास सपा के पक्ष में होते। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शिक्षित वर्ग, विशेषकर शिक्षकों और स्नातकों ने मतदान के जरिए स्पष्ट कर दिया है कि वे अब भाजपा की नीतियों का समर्थन नहीं करते। उन्होंने भाजपा पर नतीजों को अपने पक्ष में मोड़ने के लिए धांधली का सहारा लेने का आरोप लगाया।
2027 में सपा की बंपर जीत का दावा आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को लेकर योगेश प्रताप सिंह ने एक बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि इस चुनाव में समाजवादी पार्टी 300 से अधिक सीटें जीतेगी और अखिलेश यादव फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि सपा की सरकार बनने पर विकास योजनाओं को गति दी जाएगी और पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) तथा कमजोर वर्गों के साथ हो रहे अन्याय को समाप्त किया जाएगा।
वाराणसी और गोरखपुर में भाजपा की हार पर तंज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भाजपा को मिली हार पर सपा नेता ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि काशी के शिक्षित मतदाताओं और शिक्षकों ने यह संदेश दिया है कि अब यह क्षेत्र भाजपा का गढ़ नहीं रहा। उन्होंने गोरखपुर और बनारस क्षेत्र के चुनाव परिणामों को भाजपा के भीतर चल रही गुटबाजी और अंदरूनी मतभेदों का नतीजा बताया। साथ ही, उन्होंने पिछले लोकसभा चुनावों की मतगणना को लेकर भी प्रधानमंत्री पर अप्रत्यक्ष आरोप लगाए।
ओवैसी को बताया ‘भाजपा की B टीम’ योगेश प्रताप सिंह ने एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने ओवैसी को सीधे तौर पर ‘भाजपा की B टीम’ करार दिया। सपा नेता का आरोप है कि ओवैसी के चुनाव लड़ने का मुख्य मकसद विपक्ष और खासकर समाजवादी पार्टी के वोटों का बंटवारा करना है, जिससे अंततः भाजपा को ही चुनावी फायदा होता है।
चुनाव आयोग और भाजपा नेतृत्व पर निशाना भाजपा नेतृत्व पर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि सत्ता हमेशा किसी एक पार्टी के पास नहीं रहती और जनता किसी भी समय सत्ता परिवर्तन कर सकती है। इसके अलावा, उन्होंने चुनाव आयोग द्वारा सुप्रीम कोर्ट में हाल ही में दाखिल किए गए 248 पन्नों के हलफनामे पर भी सवाल खड़े किए।



