
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करने के पुराने मामले में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी को एक बड़ी कानूनी राहत मिली है। सुल्तानपुर स्थित दीवानी न्यायालय की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने सोमवार को अपना अहम फैसला सुनाते हुए उन्हें इस मानहानि मुकदमे से पूरी तरह दोषमुक्त कर दिया है।
स्पेशल मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत ने साक्ष्यों और दलीलों के आधार पर यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। फैसले के दिन राहुल गांधी सुबह करीब सवा ग्यारह बजे भारी सुरक्षा के बीच अदालत परिसर पहुंचे। उनके कोर्ट रूम में प्रवेश करते ही सुरक्षा के मद्देनजर अंदर से दरवाजा बंद कर लिया गया था। जब तक अदालत का अंतिम फैसला नहीं आ गया, तब तक बाहर मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों के चेहरों पर भारी बेचैनी और तनाव का माहौल साफ देखा जा सकता था, जो फैसले के बाद जश्न में तब्दील हो गया।
यह पूरा कानूनी विवाद वर्ष दो हजार अठारह का है। दरअसल, कर्नाटक में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को लेकर एक कथित टिप्पणी की थी। इस राजनीतिक बयानबाजी से आहत होकर चार अगस्त दो हजार अठारह को सहकारी बैंक के तत्कालीन चेयरमैन और स्थानीय भारतीय जनता पार्टी के नेता विजय मिश्रा ने सुल्तानपुर की अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का परिवाद दाखिल कर दिया था। शिकायतकर्ता का तर्क था कि राहुल गांधी के इस बयान से उनके नेता और पार्टी की छवि धूमिल हुई है। इसी शिकायत के आधार पर यह लंबी कानूनी लड़ाई शुरू हुई थी।
इस मुकदमे की न्यायिक प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण पड़ाव आए। परिवाद दाखिल होने के कई साल बाद, अदालत ने सत्ताईस नवंबर दो हजार तेईस को राहुल गांधी को तलब किया था। इसके अनुपालन में वह बीस फरवरी दो हजार चौबीस को अदालत में पेश हुए, जहां से उन्हें जमानत मिल गई थी। इसके बाद छब्बीस जुलाई दो हजार चौबीस और फिर बीस फरवरी दो हजार छब्बीस को अदालत में राहुल गांधी के बयान दर्ज किए गए।
सुनवाई के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब वॉयस सैंपल (आवाज के नमूने) के मिलान की मांग की गई थी, लेकिन दो मई दो हजार छब्बीस को अदालत ने इस अर्जी को सिरे से खारिज कर दिया। अंततः, अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से बीते तेरह अक्तूबर को अंतिम बहस पूरी कर ली गई थी, जिसके बाद स्पेशल कोर्ट ने छब्बीस अक्तूबर के लिए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।




