
उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल और मशहूर गायक दलेर मेहंदी के बीच चल रहा विवाद अब पूरी तरह से समाप्त होता नजर आ रहा है। हाल ही में उत्तराखंड में दलेर मेहंदी के एक लाइव कार्यक्रम के दौरान हुए हंगामे को लेकर मंत्री सुबोध उनियाल ने टेलीफोन पर उनसे माफी मांग ली है।
इस सकारात्मक कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए, दलेर मेहंदी के भाई और लोकप्रिय गायक मीका सिंह की टीम ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है। टीम ने मंत्री के इस कदम का खुले दिल से स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि अब इस पूरे विवाद को यहीं खत्म कर दिया जाएगा।
मीका सिंह की टीम द्वारा जारी किए गए बयान में कलाकारों के सम्मान और उनकी गरिमा को बनाए रखने के महत्व पर विशेष रूप से जोर दिया गया है। बयान में कहा गया है कि वे सुबोध उनियाल जी के आभारी हैं जिन्होंने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को लेकर दलेर पाजी से फोन पर बातचीत कर खेद व्यक्त किया।
टीम ने स्पष्ट किया कि दलेर मेहंदी संगीत जगत के एक बेहद वरिष्ठ और सम्मानित कलाकार हैं, जिनका भारतीय संगीत उद्योग में बहुत बड़ा योगदान रहा है। बयान में यह भी रेखांकित किया गया कि हर कलाकार सम्मान का हकदार होता है और अब इस मामले को पीछे छोड़कर सभी को आपसी सम्मान व समझ के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
इस विवाद को सुलझाने में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की भूमिका भी बेहद अहम रही। मंत्री के माफी मांगने से पहले ही मुख्यमंत्री धामी ने इस पूरे प्रकरण का संज्ञान लेते हुए मंत्री सुबोध उनियाल की ओर से खेद व्यक्त किया था। मीका सिंह ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में बताया था कि मुख्यमंत्री के इस विनम्र कदम के बाद दलेर मेहंदी इस मामले को और ज्यादा तूल नहीं देना चाहते थे।
मीका ने मुख्यमंत्री धामी की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें बेहद विनम्र और जमीन से जुड़ा हुआ नेता बताया। मीका के अनुसार, सीएम धामी ने दोनों भाइयों से बेहद शालीनता से बात की और उन्हें उत्तराखंड आने का विशेष निमंत्रण भी दिया। मीका ने यहां तक कहा कि उन्होंने सीएम से आग्रह किया था कि उन्हें माफी मांगने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि इसमें उनकी कोई भी व्यक्तिगत गलती नहीं थी।
गौरतलब है कि यह पूरा विवाद उत्तराखंड में आयोजित हो रहे सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन और विकास मेले के दौरान शुरू हुआ था। नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में दलेर मेहंदी अपनी प्रस्तुति दे रहे थे। इसी बीच राज्य के मंत्री सुबोध उनियाल ने अचानक कार्यक्रम को बीच में ही रुकवा दिया था।
मंत्री ने मंच से गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि गायक शराब के नशे में हैं और वे मंच पर केवल ‘लिप-सिंक’ (बिना गाए सिर्फ होंठ हिलाना) कर रहे हैं। एक धार्मिक आयोजन में हुए इस दुर्व्यवहार के बाद काफी हंगामा हुआ था और मीका सिंह ने अपने बड़े भाई के बचाव में आते हुए कलाकारों के सम्मान की पुरजोर वकालत की थी।




