उत्तराखंड

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया निर्माणाधीन बाईपास और मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण, पर्यटन व स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने पर दिया जोर

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 25 अक्टूबर को गोला पुल से भीमताल रोड होते हुए अमृतपुर तक बन रहे निर्माणाधीन बाईपास मार्ग का सघन निरीक्षण किया। राज्य में पर्यटन के बढ़ते ग्राफ और उसके कारण उत्पन्न होने वाली यातायात की समस्या को ध्यान में रखते हुए इस सड़क का निर्माण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि स्थानीय जनता लंबे समय से इस बाईपास के निर्माण की मांग कर रही थी, जिसे अब पूरा किया जा रहा है और इसके सुचारू निर्माण कार्य के लिए आवश्यक धनराशि भी सरकार द्वारा स्वीकृत कर दी गई है।

राज्य में बढ़ते पर्यटन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई है। देश-विदेश से पर्यटकों का भारी संख्या में आना राज्य की अर्थव्यवस्था और विकास के लिए एक बेहद सकारात्मक संकेत है, लेकिन इसके साथ ही यह बुनियादी ढांचे के लिए एक बड़ी चुनौती भी पेश करता है। इसी चुनौती से निपटने के लिए राज्य सरकार सड़क व्यवस्था को और अधिक बेहतर व सुगम बनाने की दिशा में निरंतर काम कर रही है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस नए बाईपास के चालू होने से उन यात्रियों को काफी सहूलियत होगी जिन्हें नैनीताल शहर के अंदर नहीं जाना है। वे नैनीताल के भारी ट्रैफिक से बचते हुए इस मार्ग का उपयोग कर सीधे अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगे। इससे न केवल मुख्य मार्गों पर वाहनों का भारी दबाव कम होगा, बल्कि यात्रियों के समय की भी बचत होगी और क्षेत्र की यातायात सुविधाएं अधिक सुदृढ़ होंगी।

इससे पूर्व, उसी दिन मुख्यमंत्री धामी ने पिथौरागढ़ के चंडाक स्थित बाबू जगजीवन राम मेडिकल कॉलेज का भी दौरा किया और वहां चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कॉलेज के छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद स्थापित कर उनके अनुभव जाने और उनके सुझावों को भी ध्यानपूर्वक सुना।

मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि मेडिकल कॉलेज के सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर और उच्चतम गुणवत्ता मानकों के साथ पूरे किए जाएं। वर्तमान में इस कॉलेज में 50 सीटों के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जो इस पहाड़ी क्षेत्र के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि है।

मेडिकल कॉलेज के दूरगामी महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संस्थान के पूरी तरह से संचालित हो जाने से पिथौरागढ़ जैसे सीमांत जिले और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं को एक नई मजबूती मिलेगी। स्थानीय नागरिकों को अब अपने ही क्षेत्र में बेहतर और अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी, जिससे उन्हें गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूर-दराज के बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।

इसके अतिरिक्त, स्थानीय युवाओं के लिए चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी नए और सुनहरे अवसर पैदा होंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले प्रत्येक नागरिक तक सुलभ, आधुनिक और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और इस दिशा में लगातार प्रभावी व ठोस कदम उठा रही है।

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