
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के कंचननगर में एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की बेरहमी से हत्या कर दी और शव को बक्से में बंद कर ठिकाने लगा दिया। हालांकि, पुलिस की सक्रियता और सीसीटीवी कैमरों की मदद से इस सनसनीखेज हत्याकांड का मात्र 12 घंटे के भीतर खुलासा हो गया। पुलिस ने आरोपी पत्नी, उसके प्रेमी और शव को ठिकाने लगाने में मदद करने वाले दो श्रमिकों को गिरफ्तार कर लिया है।
सीसीटीवी से मिला अहम सुराग 20 अक्टूबर की रात उन्नाव-लालगंज हाईवे किनारे एक लावारिस बक्सा मिला था, जिसमें खून से लथपथ एक युवक का शव चादर और कंबल में लिपटा हुआ था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पांच टीमें गठित कर जांच शुरू की। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पुलिस को एक लोडर बक्सा ले जाता हुआ दिखाई दिया। लोडर के नंबर प्लेट के जरिए पुलिस मालिक तक पहुंची, जिसने बताया कि नेहा रावत नाम की महिला ने कमरा शिफ्ट करने के बहाने 1200 रुपये में लोडर किराये पर लिया था।
नशे में मारपीट और हत्या की खौफनाक साजिश पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद नेहा ने हत्या की बात कबूल कर ली। पुलिस के अनुसार, मृतक सोनू रावत (नेहा का दूसरा पति) नशे का आदी था। सोमवार रात जब वह नशे में घर लौटा और नेहा के साथ मारपीट करने लगा, तो नेहा ने उसे धक्का दे दिया, जिससे सोनू के सिर में चोट आई। इसके बाद नेहा ने उसी मकान में रहने वाले अपने प्रेमी जितेंद्र को बुलाया। आरोप है कि जितेंद्र ने पास रखे सिलबट्टे से सोनू के सिर पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद कमरे से खून साफ किया गया और शव को बक्से में पैक कर दिया गया।
10 हजार रुपये देकर श्रमिकों से लगवाया ठिकाने शव को घर से बाहर निकालने के लिए नेहा ने 1200 रुपये में लोडर बुक किया और सामान शिफ्ट करने का बहाना बनाकर सीताराम कॉलोनी निवासी श्रमिक तौहीद को 10 हजार रुपये का लालच देकर तैयार किया। तौहीद अपने एक नाबालिग साथी के साथ आया और सभी ने मिलकर बक्से को लोडर में रखकर हाईवे किनारे फेंक दिया।
पुलिस कार्रवाई और बरामदगी मृतक के भाई आशु की तहरीर पर पुलिस ने नेहा, जितेंद्र और तौहीद के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है, जबकि नाबालिग आरोपी को बाल संरक्षण में भेजा गया है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त सिलबट्टा, शव रखने वाला बक्सा, लोडर और श्रमिकों को दिए गए रुपयों में से कुछ नकदी बरामद कर ली है। तौहीद का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। इस घटना ने एक बार फिर अवैध संबंधों के चलते होने वाले जघन्य अपराधों को उजागर किया है और पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई में जुटी है।




