
30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव के लिए उड़ान भरने वाली फ्लाईदुबई की फ्लाइट एफजेड1073 (FZ1073) में एक बेहद खौफनाक घटना घटी, जिसने सभी यात्रियों की सांसें अटका दीं। बीच हवा में कॉकपिट के अंदर पायलटों के बीच अप्रत्याशित रूप से हिंसक झड़प हो गई, जिसके परिणामस्वरूप विमान अचानक लगभग 14,300 फीट नीचे की ओर तेजी से गोता लगाने लगा।
इस जानलेवा संकट और अफरातफरी के बीच विमान के भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर गंभीर रूप से घायल हो गए। हालांकि, भारी दहशत और शारीरिक चोट के बावजूद, उनके और अन्य क्रू सदस्यों के अदम्य साहस के चलते विमान की सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई जा सकी, जिससे सैकड़ों यात्रियों को जीवनदान मिला।
इस घटना के बाद से ही कैप्टन स्मित मच्छर पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बने हुए हैं। स्मित मूल रूप से एक भारतीय नागरिक हैं, जो वर्तमान में फ्लाईदुबई एयरलाइंस में बोइंग 737 विमानों के कैप्टन के पद पर कार्यरत हैं। उनकी पेशेवर प्रोफाइल के अनुसार, उन्होंने जून 2022 में ‘डायरेक्ट-एंट्री कैप्टन’ के तौर पर फ्लाईदुबई के साथ अपना सफर शुरू किया था।
फ्लाईदुबई से जुड़ने से पहले स्मित ने भारतीय विमानन कंपनी स्पाइसजेट को अपने करियर के 11 साल दिए। स्पाइसजेट में रहते हुए उन्होंने न केवल एक सीनियर कमांडर की अहम जिम्मेदारी निभाई, बल्कि नवंबर 2020 से ‘लाइन ट्रेनिंग कैप्टन’ के रूप में नए पायलटों को प्रशिक्षित करने और उनके कौशल का बारीकी से आकलन करने का भी महत्वपूर्ण कार्य किया।
उड्डयन क्षेत्र में कैप्टन स्मित का अनुभव बेहद विशाल और प्रभावशाली है। उनके पास बोइंग 737-800 और 737 मैक्स 8/9 जैसे उन्नत विमानों को उड़ाने का करीब 9,750 घंटे का शानदार अनुभव है। इसके अलावा, स्पाइसजेट में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने 6,400 घंटे से भी अधिक समय तक ‘पायलट-इन-कमांड’ यानी मुख्य पायलट की भूमिका का निर्वहन किया था। उनका यही व्यापक अनुभव और तकनीकी दक्षता उस दिन कॉकपिट में हुए अप्रत्याशित हमले के दौरान यात्रियों के लिए रक्षा कवच साबित हुई।
बुधवार को घटी इस घटना का घटनाक्रम रोंगटे खड़े कर देने वाला था। कॉकपिट में हुई हिंसा के तुरंत बाद फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा ने विमान की ऊंचाई में अचानक और खतरनाक गिरावट दर्ज की। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए तत्काल आपातकालीन संकेत जारी किए गए और विमान का मार्ग तुरंत सऊदी अरब की ओर मोड़ दिया गया।
स्थानीय समयानुसार सुबह 8:44 बजे तबूक एयरपोर्ट के एयर ट्रैफिक कंट्रोल को विमान से इमरजेंसी कॉल प्राप्त हुई। करीब एक घंटे की भारी जद्दोजहद और तनाव के बाद विमान सुरक्षित रूप से रनवे पर उतरने में सफल रहा। बताया जा रहा है कि इस दौरान क्रू मेंबर्स के साथ-साथ कुछ यात्रियों ने भी कॉकपिट में पहुंचकर हालात को काबू करने में अभूतपूर्व मदद की।
इस सनसनीखेज घटना के पीछे के कारणों को लेकर फिलहाल अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। एक तरफ जहां इजरायली अधिकारियों ने इसे विमान को क्रैश करने की साजिश और संभावित आतंकी हमले से जोड़कर देखा है, वहीं फ्लाईदुबई प्रबंधन ने अभी इसे उड़ान के दौरान हुई एक ‘घटना’ ही करार दिया है।
एयरलाइन का कहना है कि चालक दल ने मुस्तैदी से स्थिति को संभाल लिया। घटना की असल वजह, पायलटों के बीच हुए विवाद का मुख्य कारण और घायल कैप्टन स्मित मच्छर की सटीक भूमिका को लेकर उच्च स्तरीय आधिकारिक जांच अभी जारी है। जांच के बाद ही इस हिंसक घटना के हर पहलू से पर्दा उठ सकेगा, लेकिन यह तय है कि आसमान में मौत से लड़कर विमान को सुरक्षित जमीन पर लाने में भारतीय कैप्टन की भूमिका बेहद अहम रही है।




