
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों पर होने वाले द्विवार्षिक चुनाव को लेकर सियासी बिसात बिछनी शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी ने इस चुनावी दंगल के लिए अपने पत्ते खोलते हुए दो प्रत्याशियों के नामों पर अंतिम मुहर लगा दी है। पार्टी ने अपने कद्दावर और अनुभवी रणनीतिकार प्रो. रामगोपाल यादव के साथ-साथ उद्योग जगत और खेल प्रशासन से जुड़े धनराज परिमल नथवानी को उच्च सदन के लिए अधिकृत प्रत्याशी बनाया है।
दोनों उम्मीदवार बुधवार, 30 सितंबर को अपना नामांकन पत्र दाखिल कर रहे हैं। इस अहम राजनीतिक मौके पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव स्वयं मौजूद रहेंगे, जबकि उनके साथ सपा के कई वरिष्ठ नेता और विधायक भी शक्ति प्रदर्शन के रूप में नामांकन स्थल पर उपस्थित रहेंगे।
पार्टी द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार, प्रो. रामगोपाल यादव और धनराज नथवानी सुबह करीब 11 बजे विधानसभा स्थित निर्वाचन अधिकारी के कक्ष में नामांकन दाखिल करेंगे। प्रो. रामगोपाल यादव समाजवादी पार्टी के सबसे पुराने और भरोसेमंद चेहरों में से एक हैं। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव के पद पर आसीन प्रो. यादव लंबे अरसे से संसद के उच्च सदन में सपा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और विधायी प्रक्रियाओं के गहरे जानकार माने जाते हैं।
उपलब्ध संसदीय रिकॉर्ड के मुताबिक, उनका मौजूदा राज्यसभा कार्यकाल 26 नवंबर 2020 को शुरू हुआ था। उनके लंबे संसदीय अनुभव और पार्टी के प्रति निष्ठा को देखते हुए सपा नेतृत्व ने एक बार फिर उन्हें उच्च सदन भेजने का फैसला किया है।
वहीं, सपा के दूसरे प्रत्याशी के रूप में धनराज परिमल नथवानी के नाम के ऐलान ने राजनीतिक विश्लेषकों का ध्यान खींचा है। धनराज नथवानी उद्योग जगत के प्रमुख घराने रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े रहे हैं और गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन (जीसीए) के उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। उनके नाम के सामने आने से जहां समाजवादी पार्टी की राज्यसभा को लेकर मुख्य चुनावी तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है, वहीं इस चयन को लेकर सियासी गलियारों में तरह-तरह के समीकरण साधे जा रहे हैं।
सपा द्वारा दो उम्मीदवारों के नाम तय किए जाने के बाद भी राजनीतिक हलचल थमी नहीं है, बल्कि अब सबकी निगाहें पार्टी के तीसरे संभावित उम्मीदवार पर जा टिकी हैं। राजनीतिक गलियारों में इस बात की पुरजोर चर्चा है कि सपा अपने संख्याबल के आधार पर तीन उम्मीदवार उतारने की रणनीति पर भी गंभीरता से विचार कर रही है। उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू हो चुकी है।
चुनाव आयोग की अधिसूचना के मुताबिक 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे, जबकि मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है। यदि मुकाबला निर्विरोध नहीं हुआ, तो आवश्यकता पड़ने पर 16 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा। ऐसे में अब देखना दिलचस्प होगा कि समाजवादी पार्टी तीसरे उम्मीदवार के रूप में किसे सामने लाती है और विपक्षी दलों की इस पर क्या रणनीति रहती है।



