
उत्तर प्रदेश के कानपुर में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने बड़ा अभियान चलाया है।
लखनऊ से आई FSDA की विशेष टीम ने शहर के लगभग 60 बड़े होटलों और रेस्टोरेंट्स में अचानक छापेमारी कर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई और रखरखाव के मानकों की सघन जांच की। इस व्यापक निरीक्षण के दौरान कई नामचीन प्रतिष्ठानों की रसोई में भारी गंदगी, बदहाल ड्रेनेज और गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिसके चलते त्वरित कार्रवाई करते हुए 5 होटल-रेस्टोरेंट के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं।
छापेमारी के दौरान माल रोड स्थित मशहूर ‘काके की हट्टी’ रेस्टोरेंट में चौंकाने वाली खामियां उजागर हुईं।टीम को यहां न केवल एक्सपायर हो चुकी खाद्य सामग्री का इस्तेमाल होता मिला, बल्कि सबसे गंभीर बात यह रही कि शाकाहारी (वेज) और मांसाहारी (नॉनवेज) खाद्य पदार्थों को एक ही फ्रीजर में रखा गया था।
इसके साथ ही, जाजमऊ स्थित अल शमीम फूड कोर्ट की जांच में भी खुले में रखा कच्चा मांस और एक्सपायरी डेट की सामग्री पाई गई।हर्ष नगर स्थित एक अन्य बड़े होटल के किचन में भी गंदगी का अंबार मिला और वहां भी एक्सपायरी वेज-नॉनवेज खाद्य पदार्थ ग्राहकों को परोसे जाने की पुष्टि हुई।
खाद्य सुरक्षा विभाग की इस ताबड़तोड़ और सख्त कार्रवाई से पूरे शहर के होटल और रेस्टोरेंट संचालकों में भारी हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने सख्त हिदायत दी है कि जब तक निलंबित किए गए 5 प्रतिष्ठान साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा के मानकों को पूरी तरह से दुरुस्त नहीं कर लेते, तब तक वहां किसी भी प्रकार की बिक्री पर पूर्ण रोक रहेगी। विभाग का स्पष्ट संदेश है कि ग्राहकों के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा के नियमों के साथ कोई भी समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



