उत्तर प्रदेश

लखनऊ-सीतापुर हाईवे: STF की कार्रवाई से इटौंजा टोल प्लाजा का सर्वर सील, फास्टैग सिस्टम ठप होने से लगा भारी जाम

लखनऊ-सीतापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित इटौंजा टोल प्लाजा पर स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की बड़ी कार्रवाई के बाद से टोल व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। फर्जी फास्टैग (FASTag) और फर्जी वाहन नंबरों के जरिए की जा रही टोल चोरी की शिकायतों पर जांच करते हुए एसटीएफ ने टोल प्लाजा का मुख्य सर्वर सील कर दिया है।

इसके साथ ही सीसीटीवी डीवीआर और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिए हैं। सर्वर सील होने की वजह से फास्टैग के जरिए होने वाली टोल कटौती पूरी तरह से ठप पड़ गई है, जिसके परिणामस्वरूप अब तक पच्चीस हजार से अधिक वाहन बिना टोल चुकाए ही वहां से गुजर चुके हैं।

मुख्य सर्वर के उपलब्ध न होने के कारण टोल प्लाजा पर लगे सभी 10 कंप्यूटर सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया है। इस तकनीकी बाधा के चलते टोल कर्मचारियों को मजबूरन वाहनों को रोककर मैन्युअल तरीके से उनकी जानकारी दर्ज करनी पड़ रही है। इस धीमी प्रक्रिया के कारण टोल प्लाजा के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि अब वाहन चालकों को टोल बैरियर पार करने में लगभग 15 से 20 मिनट तक का अतिरिक्त समय लग रहा है, जिससे इस व्यस्त राजमार्ग पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

वर्तमान में टोल संचालन का जिम्मा संभाल रही एजेंसी और संबंधित अधिकारी सर्वर को जल्द से जल्द बहाल करने के प्रयास में जुटे हुए हैं। एसटीएफ फिलहाल इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि फर्जी फास्टैग का इस्तेमाल कर किस तरह और कितने बड़े पैमाने पर राजस्व को चूना लगाया जा रहा था। जांच टीम द्वारा संदिग्ध वाहनों की आवाजाही और उनके लेनदेन के विस्तृत रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं, ताकि टोल चोरी के इस बड़े नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों का पूरी तरह से पर्दाफाश किया जा सके।

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