उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। शंभूपुर गांव में मंगलवार रात एक व्यक्ति ने पूजा का विरोध करते हुए अपनी ही पत्नी और दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने अपने तीन मासूम बच्चों को घर के अंदर बंधक बना लिया।
पुलिस और आरोपी के बीच लगभग आठ घंटे तक चली मुठभेड़ और तनाव के बाद पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। इस दौरान आरोपी ने अपने 10 वर्षीय बेटे को भी गोली मार दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी मारा गया और अस्पताल में इलाज के दौरान उसके बेटे ने भी दम तोड़ दिया, जबकि दो बेटियों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
यह खौफनाक घटना तब हुई जब आरोपी अरविंद सिंह के घर पर उसके दिवंगत भाई के लिए एक धार्मिक अनुष्ठान चल रहा था। शुरुआती पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, जब अरविंद घर लौटा तो उसने वहां पुजारियों की मौजूदगी पर कड़ी आपत्ति जताई। कहासुनी के बाद विवाद इतना बढ़ गया कि अरविंद ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। इस गोलीबारी में उसकी पत्नी बबीता और पूजा कराने आए दो पुजारियों, महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा की मौके पर ही मौत हो गई। समारोह में मौजूद दो अन्य पुजारियों ने वहां से किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई।
इस तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद अरविंद ने अपने तीन बच्चों और हथियारों के साथ खुद को एक कमरे में बंद कर लिया, जिसके बाद पुलिस का आठ घंटे लंबा स्टैंडऑफ शुरू हुआ। भारी पुलिस बल ने घर को घेर लिया और अरविंद से आत्मसमर्पण करने तथा बच्चों को रिहा करने की लगातार अपील की।
आजमगढ़ के एसएसपी अनिल कुमार के मुताबिक, पुलिस ने उसे समझाने के लिए उसके परिवार वालों की भी मदद ली, लेकिन वह पुलिस और परिजनों को गोली मारने की धमकी देता रहा और बच्चों को छोड़ने से साफ इनकार कर दिया।
बुधवार तड़के स्थिति तब और गंभीर हो गई जब घर के अंदर से अचानक गोली चलने की आवाज आई। अरविंद ने अपने ही 10 वर्षीय बेटे को गोली मारकर घायल कर दिया था। इसके तुरंत बाद पुलिस ने बच्चों की जान बचाने के लिए स्टन ग्रेनेड और आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल करते हुए कमरे के अंदर प्रवेश किया। पुलिस को अपनी ओर आता देख अरविंद ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से उन पर सभी छह राउंड फायर कर दिए।
आत्मरक्षा और बच्चों को सुरक्षित निकालने के लिए पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें अरविंद गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे और उसके घायल बेटे को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने अरविंद को मृत घोषित कर दिया और बाद में बेटे की भी मौत हो गई। सुरक्षित बची दोनों बेटियों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।




