
आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि आगामी चुनावों में सपा अपने पुराने गठबंधन के साथ ही मैदान में उतरेगी। उन्होंने दृढ़ता के साथ दावा किया कि इस बार समाजवादी पार्टी रिकॉर्ड सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज करके राज्य में अपनी सरकार बनाएगी।
इस दौरान अखिलेश यादव ने बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती का नाम लिए बगैर उनके बयानों पर तीखा पलटवार किया। सपा के पीडीए (PDA) रथ के रंगों पर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि एक रंग की सोच वाले लोगों को सब कुछ एक ही रंग का दिखाई देता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि स्क्रीन पर गमछे और कपड़ों के रंग अलग नजर आते हैं, लेकिन जिन्हें यह समझ नहीं आता, उन्हें अपनी आंखों का इलाज करवाना चाहिए।
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर भी जमकर निशाना साधा और उस पर नकारात्मक राजनीति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि सरकार की मंशा विपक्ष को अनावश्यक मुद्दों में उलझाए रखने की है, लेकिन सपा केवल जनता से जुड़े वास्तविक और जमीनी मुद्दों को ही प्रमुखता से उठाएगी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में बाबा साहेब आंबेडकर की मूर्तियां तोड़ी जा रही हैं और दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
रोजगार और आरक्षण के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव ने सरकार की नीतियों को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार पीडीए समाज के हकों पर डाका डाल रही है। सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग को जानबूझकर बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि संवैधानिक आरक्षण की व्यवस्था को कमजोर किया जा सके और नौकरियों के नाम पर जमकर कमीशनखोरी की जा सके।



