
पश्चिम बंगाल की हाई-प्रोफाइल नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर राज्य का सियासी तापमान अचानक चढ़ गया है। नाटकीय घटनाक्रम के तहत तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे द्वारा अपना नामांकन वापस लिए जाने के बाद पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को खुला समर्थन देने की घोषणा कर दी।
इस कदम के बाद टीएमसी के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि राष्ट्रीय स्तर पर बना ‘INDIA’ गठबंधन धरातल पर काम कर रहा है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार ममता बनर्जी के सीधे संपर्क में हैं और विपक्षी एकजुटता को मजबूत करने के लिए ही नंदीग्राम सीट कांग्रेस के लिए छोड़ी गई है।
हुगली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कल्याण बनर्जी ने स्पष्ट किया कि नंदीग्राम में कांग्रेस प्रत्याशी का समर्थन करना इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि भाजपा के खिलाफ विपक्षी दल एकजुट हो रहे हैं। हालांकि, उन्होंने बंगाल में कांग्रेस और टीएमसी के बीच तालमेल में आ रही अड़चनों के लिए वरिष्ठ कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी और अब्दुल मन्नान पर सीधा निशाना साधा।
टीएमसी सांसद ने आरोप लगाया कि इन नेताओं का व्यक्तिगत विरोध मुख्य रूप से ममता बनर्जी के प्रति केंद्रित रहा है, जिसके कारण राज्य स्तर पर दोनों दलों के बीच स्वाभाविक सामंजस्य नहीं बन पा रहा था। उन्होंने कहा कि अब पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस को तय करना है कि वे इस बदलते राजनीतिक परिदृश्य में क्या रुख अपनाते हैं।
दूसरी तरफ, ममता बनर्जी के समर्थन के ऐलान के कुछ ही घंटों के भीतर नंदीग्राम के सियासी मंच पर एक नया मोड़ आ गया, जब पुलिस ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2007 के ऐतिहासिक नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से जुड़े मामलों में मिलन प्रधान के खिलाफ चार गैर-जमानती वारंट (NBW) लंबे समय से लंबित थे।
इन मामलों में दंगा भड़काने, हत्या, जानलेवा हमला, अपहरण, आपराधिक धमकी और आर्म्स एक्ट जैसी कई संगीन धाराएं शामिल हैं। गिरफ्तारी के बाद हल्दिया अदालत ने मिलन प्रधान को 3 अक्टूबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
नंदीग्राम में आगामी 6 अक्टूबर को मतदान निर्धारित है और चुनाव प्रचार 4 अक्टूबर को समाप्त हो जाएगा। मतदान से ठीक पहले प्रत्याशी के जेल चले जाने से उनके प्रत्यक्ष चुनाव प्रचार पर गहरा असर पड़ेगा, हालांकि कानूनी रूप से केवल न्यायिक हिरासत में होने के कारण उनकी उम्मीदवारी रद्द नहीं होती है।
कांग्रेस ने इस गिरफ्तारी के समय और परिस्थितियों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं और इसे राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित कार्रवाई बताया है, जबकि प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से अदालत के पुराने वारंट के तहत की गई है। नंदीग्राम में टीएमसी का समर्थन मिलने और उम्मीदवार के जेल जाने के बाद बने इस नए राजनीतिक समीकरण पर अब पूरे प्रदेश की निगाहें टिकी हैं।



