
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में रास्ते के एक मामूली विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया, जिसमें एक सेवानिवृत्त फौजी की जान चली गई और उनका सगा भाई मौत से जंग लड़ रहा है। यह हृदयविदारक घटना उभांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सोनाडीह (दोथ) गांव की है, जहां बृहस्पतिवार की रात पड़ोसियों के बीच हुई कहासुनी हिंसक झड़प में तब्दील हो गई। इस जानलेवा हमले में 45 वर्षीय पूर्व सेना के जवान अमरेश बहादुर सिंह को अपनी जान गंवानी पड़ी, जबकि उनके भाई मंजेश सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। वारदात के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई है और तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।
घटनाक्रम के अनुसार, 10 सितंबर की रात करीब 10 बजे अमरेश बहादुर सिंह और उनके भाई मंजेश सिंह अपनी गौशाला में मौजूद थे। इसी दौरान उनके पाटीदार (पड़ोसी) रामकरण सिंह के साथ रास्ते के पुराने विवाद को लेकर अचानक बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते बात इतनी बिगड़ गई कि दोनों पक्षों के बीच तीखी गाली-गलौज होने लगी। बताया जा रहा है कि दोनों भाइयों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत करने की पूरी कोशिश की, लेकिन तभी रामकरण सिंह और उसके परिवार के अन्य सदस्यों ने आक्रोशित होकर दोनों भाइयों पर चाकू और अन्य धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। अचानक हुए इस जानलेवा प्रहार से दोनों भाई खून से लथपथ होकर वहीं गिर पड़े।
चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बिना समय गंवाए दोनों गंभीर रूप से घायल भाइयों को सीयर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत मऊ के लिए रेफर कर दिया। मऊ में इलाज के दौरान पूर्व फौजी अमरेश बहादुर सिंह ने दम तोड़ दिया। वहीं, उनके भाई मंजेश सिंह की बिगड़ती हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर और उच्च स्तरीय चिकित्सा के लिए वाराणसी के बीएचयू अस्पताल भेज दिया है, जहां उनकी स्थिति अभी भी बेहद चिंताजनक बनी हुई है।
इस जघन्य हत्याकांड की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और उच्चाधिकारियों ने तुरंत घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश शुक्ल ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतक अमरेश की बेटी की तहरीर के आधार पर पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस की मुस्तैदी के चलते घटना में शामिल पांच में से तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
वहीं, बाकी बचे दो फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की तीन अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है, जो लगातार दबिश दे रही हैं। फिलहाल, एहतियात के तौर पर गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और शांति व्यवस्था पूरी तरह से कायम है।




