स्वास्थ्य

आईटी पेशेवरों में बढ़ता गर्दन और कमर दर्द: सेडेंटरी वर्क कल्चर और गलत पोस्चर बन रहे बड़े खतरे

आईटी बूम ने नई नौकरी के अवसर पैदा किए हैं, लेकिन युवा पेशेवरों में गर्दन और कमर दर्द के मामलों में भी तेजी से वृद्धि हुई है। लंबे समय तक बैठकर लैपटॉप-स्मार्टफोन का इस्तेमाल और सही एर्गोनॉमिक्स की कमी मुख्य कारण हैं। बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और नोएडा जैसे आईटी हब सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। इससे एकाग्रता घट रही है, उत्पादकता प्रभावित हो रही है और अनुपस्थिति बढ़ रही है।

ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट और सर्टिफाइड एर्गोनॉमिक स्पेशलिस्ट भारती जाजू के अनुसार, गर्दन-कमर दर्द सिर्फ शारीरिक समस्या नहीं है। लंबे बैठने, मानसिक दबाव और लगातार डिजिटल कनेक्टिविटी से शरीर व दिमाग दोनों को रिकवरी नहीं मिल पाती, जिससे थकान, बर्नआउट और सेहत खराब होती है।

शरीर और आधुनिक वर्क कल्चर में असमानता
मनुष्य का शरीर मूवमेंट के लिए बना है, लेकिन आधुनिक कामकाज में 8 घंटे या अधिक गलत पोस्चर में बैठना पड़ता है। गलत पोस्चर से फैट-क्लियरिंग एंजाइम्स प्रभावित होते हैं, इंसुलिन की क्रिया कमजोर होती है, मांसपेशियों को नुकसान पहुंचता है और पैरों की धमनियां संकरी हो सकती हैं।

मुख्य कारण

  • लंबे समय तक बिना ब्रेक बैठना और मूवमेंट की कमी
  • गलत ऊंचाई वाली स्क्रीन, कम बैक सपोर्ट और अनुपयुक्त कुर्सी से ‘टेक नेक’
  • अनियमित काम के घंटों के कारण नियमित व्यायाम न होना

एर्गोनॉमिक्स कैसे मदद करता है?
एर्गोनॉमिक्स सिर्फ सही बैठने का तरीका नहीं, बल्कि ऐसा कार्य वातावरण बनाना है जो शरीर की जरूरत के अनुरूप हो, मूवमेंट आसान बनाए और लंबे समय तक सेहत व उत्पादकता बनाए रखे।

5 जरूरी एर्गोनॉमिक टूल्स

  1. एर्गोनॉमिक ऑफिस चेयर – लोअर बैक सपोर्ट और एडजस्टेबल हाइट वाली
  2. स्टैंडिंग डेस्क – बैठने-खड़े होने का विकल्प
  3. मॉनिटर स्टैंड – स्क्रीन आंखों की ऊंचाई पर
  4. लैपटॉप स्टैंड + अलग कीबोर्ड
  5. एर्गोनॉमिक कीबोर्ड और माउस

पोस्चर सुधारने के टिप्स

  • नियमित अंतराल पर मूवमेंट करें
  • घुटने कूल्हों से नीचे, पैर जमीन पर, कंधे रिलैक्सड रखें
  • गहरी सांसें लें
  • स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें
  • वॉकिंग मीटिंग अपनाएं
  • छोटे ब्रेक का स्ट्रक्चर्ड प्लान बनाएं

युवा पेशेवरों के लिए बचाव उपाय

  • दिनभर नियमित मूवमेंट को प्राथमिकता दें
  • स्क्रीन आंखों के स्तर पर, कोहनी 90-100 डिग्री पर रखें
  • थकान, अकड़न, सिरदर्द जैसे शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें
  • अच्छी नींद और रिकवरी पर ध्यान दें

अतिरिक्त सहायक टूल्स

  • पोस्चर रिमाइंडर ऐप्स
  • रेसिस्टेंस बैंड या स्टेबिलिटी बॉल
  • फोम रोलर या मसाज बॉल
  • हीट/कोल्ड पैक
  • सपोर्टिव फुटवियर

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