
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर घर जल पहल के तहत शेष सभी पात्र ग्रामीण परिवारों को निर्धारित समयसीमा के भीतर नल जल कनेक्शन प्रदान कर 100 प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित किया जाए। यह निर्देश सचिवालय में 31 जनवरी को आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान दिए गए, जिसमें जल जीवन मिशन के अंतर्गत योजनाओं की प्रगति, वित्तीय स्थिति, संचालन और रखरखाव की समीक्षा की गई।
बैठक में जल आपूर्ति योजनाओं की प्रगति, ग्रामीण परिवारों में नल जल कवरेज और सत्यापन, जल गुणवत्ता, वित्तीय प्रबंधन तथा योजनाओं के नियमित संचालन व रखरखाव जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि मिशन की सफलता को सिर्फ कनेक्शनों की संख्या से नहीं, बल्कि हर घर तक नियमित, पर्याप्त, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाने से मापा जाना चाहिए।
धामी ने पूर्ण हो चुकी योजनाओं का जमीनी स्तर पर भौतिक सत्यापन कराने का आदेश दिया और कहा कि निर्माणाधीन तथा लंबित पेयजल योजनाओं को मिशन मोड में निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। जिलाधिकारियों को विभागों के बीच समन्वय कर समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का जिम्मा सौंपा गया।
उन्होंने प्रत्येक योजना की भौतिक और वित्तीय प्रगति की नियमित समीक्षा करने को कहा। पहाड़ी क्षेत्रों में पेयजल स्रोतों के संरक्षण व पुनरुद्धार तथा वर्षा जल संचयन व भूजल रिचार्ज पर विशेष ध्यान देने को कहा। मुख्यमंत्री ने हर जिले में जल आपूर्ति से जुड़ी तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए तंत्र विकसित करने और योजनाओं के संचालन व रखरखाव के लिए स्थायी व्यवस्था स्थापित करने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, अधिकारियों को जिलावार लक्ष्य, समयसीमा और स्पष्ट जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए। अनावश्यक देरी होने पर क्रियान्वयन एजेंसियों और अधिकारियों पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि उत्तराखंड में जल जीवन मिशन के अंतर्गत 16,555 योजनाओं में से 15,540 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जो 92.46 प्रतिशत प्रगति दर्शाती है। 1,015 योजनाएं अभी प्रगति पर हैं। ग्रामीण परिवारों में नल जल कवरेज 14.48 लाख में से 14.20 लाख है। राज्य के 14,979 गांवों में से 9,796 गांवों में आपूर्ति सत्यापन पूरा हो चुका है।



