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अमेरिकी अदालत ने गौतम अदाणी और सागर अदाणी के खिलाफ क्रिमिनल केस किया खारिज

नई दिल्ली/न्यूयॉर्क: अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी को अमेरिका की अदालत से बड़ी राहत मिली है। अमेरिका की एक अदालत ने दोनों के खिलाफ चल रहे क्रिमिनल केस को खारिज कर दिया है।

न्यूयॉर्क के ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट स्थित यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) के रूल 48(a) के तहत केस वापस लेने के अनुरोध को मंजूरी दे दी। इस फैसले के बाद गौतम अदाणी, सागर अदाणी और अदाणी ग्रीन एनर्जी के पूर्व सीईओ विनीत जैन के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्रवाई समाप्त हो गई है।

रिश्वत और फ्रॉड के आरोपों से जुड़ा था मामला

यह मामला नवंबर 2024 में शुरू हुआ था। अमेरिकी अभियोजकों ने आरोप लगाया था कि गौतम अदाणी, सागर अदाणी और अन्य लोगों ने सोलर पावर कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को कथित तौर पर 250 मिलियन डॉलर की रिश्वत देने की साजिश रची।

अमेरिकी प्रॉसिक्यूटर का आरोप था कि इस प्रोजेक्ट से अगले दो दशकों में 2 बिलियन डॉलर से ज्यादा का मुनाफा होने का अनुमान था। इसके अलावा निवेशकों को गुमराह करने और अमेरिकी बाजार से बॉन्ड व लोन के जरिए 3 बिलियन डॉलर से ज्यादा जुटाने के आरोप भी लगाए गए थे। हालांकि अदाणी ग्रुप ने इन सभी आरोपों को लगातार खारिज किया था और इन्हें बेबुनियाद बताया था। ग्रुप का कहना था कि उसने सभी कानूनों और नियामकीय नियमों का पालन किया है।

जज ने मांगा था DoJ से जवाब

अमेरिकी जज निकोलस गरौफिस ने केस खारिज करने से पहले न्याय विभाग से इस फैसले के पीछे की वजहों की जानकारी मांगी थी। कोर्ट ने डिफेंडेंट्स से शपथ पत्र भी दाखिल करने को कहा था, जिसमें किसी तरह के वादे, ऑफर या गुप्त समझौते से इनकार किया गया हो।

गौतम अदाणी ने अपने शपथ पत्र में किसी भी तरह के क्विड प्रो क्वो या किसी अज्ञात समझौते से इनकार किया। इसके बाद कोर्ट ने DoJ के अनुरोध को मंजूरी देते हुए केस को स्थायी रूप से खारिज कर दिया।

SEC मामले में भी हुआ निपटारा

इसके अलावा अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) की सिविल कार्रवाई भी गौतम अदाणी के खिलाफ अंतिम फैसले के जरिए सुलझ गई है। इसके तहत अदाणी ने आरोपों को स्वीकार किए बिना आदेश पर सहमति जताई है। उन्हें SEC को 30 दिनों के भीतर 6 मिलियन डॉलर की सिविल पेनल्टी देनी होगी।

गौतम अदाणी ने फैसले का स्वागत किया

गौतम अदाणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में भी उनका भरोसा सच्चाई, निष्पक्षता और कानून के शासन पर कायम रहा। उन्होंने कहा कि अदाणी ग्रुप देश के लिए निर्माण, मूल्य निर्माण और बड़े उद्देश्य की दिशा में काम करता रहेगा।

यह मामला जनवरी 2023 में शॉर्ट सेलर कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के बाद बढ़ी अदाणी ग्रुप की वैश्विक जांच की पृष्ठभूमि में सामने आया था। रिपोर्ट के बाद अदाणी ग्रुप के शेयरों में भारी गिरावट आई थी और कंपनी का बाजार मूल्य काफी कम हुआ था। अदाणी ग्रुप ने उस समय भी हिंडनबर्ग के आरोपों को खारिज करते हुए सभी नियमों के पालन की बात कही थी।

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