
चित्रकूट: देवांगना घाटी में एक नीट छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म और उस जघन्य वारदात का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। भरतकूप थाना क्षेत्र के मड़फा जंगल के पास हुई पुलिस मुठभेड़ में मामले का तीसरा और 50 हजार रुपये का इनामी आरोपी जीतेंद्र उर्फ भोले पटेल घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस की घेराबंदी के दौरान आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी थी, जिसमें एक सिपाही राघवेंद्र के हाथ में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के घुटने में गोली लगी। घायल सिपाही और आरोपी दोनों को इलाज के लिए शिवरामपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही मामले के तीनों मुख्य आरोपी अब सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं।
इस फरार आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के निर्देश पर एसओजी, सर्विलांस और स्थानीय पुलिस की पांच विशेष टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों ने लगातार 72 घंटों तक सघन अभियान चलाते हुए 18 अलग-अलग स्थानों के 374 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और लगभग छह हजार मोबाइल कॉल्स की लोकेशन का बारीकी से विश्लेषण किया। इस सघन जांच के दौरान 58 संदिग्धों से पूछताछ भी की गई, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस इस इनामी बदमाश तक पहुंचने में सफल रही। गिरफ्तारी के वक्त आरोपी के पास से एक बाइक और तमंचा भी बरामद किया गया है।
यह खौफनाक घटना 22 जुलाई की शाम को हुई थी, जब मध्य प्रदेश के सतना जिले की रहने वाली 20 वर्षीय युवती अपने 17 वर्षीय दोस्त के साथ देवांगना घाटी घूमने गई थी। हवाई पट्टी के पास बदमाशों ने नाबालिग को बंधक बना लिया और युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम देकर उसका वीडियो इंस्टाग्राम पर डाल दिया।
पीड़िता के मुताबिक, घटना के दौरान उसने वहां से गुजर रहे राहगीरों से मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि राजस्थान में अपने पिता के साथ रहने वाली यह युवती कुछ समय पहले ही चित्रकूट आई थी और इंस्टाग्राम के जरिए ही उसकी दोस्ती उस नाबालिग युवक से हुई थी।
इस जघन्य घटना पर उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। आयोग की सदस्य प्रतिभा कुशवाहा ने जिले का दौरा कर पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई और बहिलपुरवा थाने से अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए उन्होंने वन विभाग को जंगल के क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही पर्यटन स्थलों के आसपास असामाजिक तत्वों के जमावड़े को रोकने के लिए शराब और गुटखे की दुकानों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने को भी कहा गया है।




