
राम मंदिर में चंदे के कथित गबन की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंप दी है। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने चंदे की गिनती और निगरानी प्रणाली पर गंभीर चिंता जताई है। रिपोर्ट में चंदे के प्रबंधन की प्रक्रिया में निगरानी और जवाबदेही में महत्वपूर्ण कमियों की ओर इशारा किया गया है। सूत्रों से यह भी पता चला है कि जांच के इस चरण में किसी भी व्यक्ति को दोषमुक्त नहीं किया गया है।
एसआईटी ने दान की गिनती में शामिल कर्मियों की चयन प्रक्रिया की भी जांच की है और मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ उनके कथित संबंधों की छानबीन की है। इसके अलावा, मंदिर की आंतरिक प्रशासनिक व्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। मामले की जटिलता और संवेदनशीलता को देखते हुए, एसआईटी ने अतिरिक्त समय मांगा है और व्यापक और विस्तृत जांच करने के लिए अधिक अधिकारियों की तैनाती का अनुरोध किया है।




