आखिरकार विदा हो गया उत्तराखंड से मानसून,सामान्य से 20 फीसद कम हुई बारिश
उत्तराखंड से मानसून आखिरकार विदा हो गया है। अपने संभावित समय से दो दिन देरी से विदा हुए मानसून के मिजाज इस बार रूठे रहे। प्रदेश में पूरे सीजन सामान्य से 20 फीसद कम बारिश हुई। जबकि, अंतिम सप्ताह में तो इसमें 50 फीसद की कमी रही। अब अगले करीब एक सप्ताह मौसम शुष्क रहेगा और न्यूनतम पारे में गिरावट के साथ ही हल्की ठंड शुरू हो सकती है।
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अनियमित उतार-चढ़ाव के बाद आखिरकार उत्तराखंड से मानसून ने विदाई ले ली। चार माह के मानसून सीजन में प्रदेश के ज्यादातर इलाके बारिश के लिए तरसते रहे। तीन जिलों को छोड़कर अन्य सभी जिलों में बेहद कम बारिश दर्ज की गई। करीब चार जिलों में तो पूरे सीजन सामान्य से आधी बारिश भी नहीं हुई। इस दौरान प्रदेश में औसत बारिश 943 मिलीमीटर रिकॉर्ड की गई। जो कि सामान्य (1177 मिमी) से 20 फीसद कम है। हालांकि, कुछ जिले ऐसे भी रहे, जहां बारिश आफत बनी रही। खासकर पिथौरागढ़, बागेश्वर और चमोली में बारिश के कारण दुश्वारियां रहीं। अतिवृष्टि और भूस्खलन से इस सीजन में कई मौत भी हुईं।
बागेश्वर जिले में इस बार सामान्य से करीब ढाई गुना अधिक बारिश दर्ज की गई। जबकि उत्तरकाशी, चंपावत और पौड़ी इस बार बारिश को तरसते रहे। बागेश्वर में सर्वाधिक सामान्य से 136 फीसद बारिश, जबकि चंपावत में सबसे कम सामान्य से -52 फीसद बारिश दर्ज की गई।
चक्रवाती प्रवाह से देर से हुई विदाई
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार प्रदेश से मानसून के 28 सितंबर को विदा होने की संभावना जताई जा रही थी। लेकिन, अरब सागर की ओर से उठने वाले चक्रवाती प्रवाह और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण इसमें विलंब हुआ। हालांकि, इससे बारिश की संभावना नहीं बनी। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जरूर हिमताप के अनुकूल वातावरण हो गया।
प्रमुख शहरों का तापमान
- शहर——–अधिकतम—–न्यूनतम
- देहरादून——–33.0——–18.9
- मसूरी———-24.7——–15.7
- टिहरी———25.8——–15.2
- उत्तरकाशी—26.5——–16.2
- हरिद्वार—–34.2———-21.0
- जोशीमठ—-24.3———15.1
- पिथौरागढ़—28.8——–13.9
- अल्मोड़ा—–29.4——–15.6
- मुक्तेश्वर—24.6——–14.5
- नैनीताल—-24.2——–16.3
- चंपावत—–27.5——–16.8
- यूएस नगर-33.8——–19.8