राजधानी में वाहन के साइज, पार्किंग अवधि, क्षेत्र और महंगे बाजार के हिसाब से पार्किंग चार्ज देना पड़ सकता है

images (8)नई दिल्ली: राजधानी में वाहन के साइज, पार्किंग अवधि, क्षेत्र और महंगे बाजार के हिसाब से पार्किंग चार्ज देना पड़ सकता है। गलत पार्किंग पर दस गुना जुर्माना लगाया जा सकता है। साथ ही इसे संज्ञेय अपराध माने जाने के अलावा वाहन भी जब्त किया जा सकता है।

दिल्ली में भीड़ कम करने के लिए केंद्रीय शहरी विकास सचिव की अध्यक्षता में गठित हाई पावर कमेटी ने यह सिफारिश दी है। यह भी कहा है कि सिग्नल फ्री कॉरिडोर को रेड सिग्नल नहीं बनाने, हर 250 मीटर पर सड़क क्रॉसिंग और पैदल यात्रियों के लिए पेलीकॉन सिग्नल लगाने, चौराहों को नंबर देकर आईटी से जोड़ने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट बढ़ाकर उसे कॉमन मोबिलिटी कार्ड से जोड़ने से दिल्ली की भीड़भाड़ कम होगी।

ड्राफ्ट सिफारिशों को अंतिम रूप देने के लिए सोमवार को बैठक है। सिफारिशें स्वीकार किए जाने पर एक से तीन साल तक समयबद्ध तरीके से उसे लागू करने का लक्ष्य है।
इसमें प्राइवेट वाहनों की बढ़ती संख्या रोकने, लंबी कारों को हतोत्साहित करने के लिए पार्किंग महंगी करने, जुर्माना बढ़ाकर भीड़ कम करने पर जोर है। पार्किंग महंगी करने व जुर्माना बढ़ाने का पायलट प्रोजेक्ट कनाट प्लेस और सरोजनी नगर मार्केट से एक साल में शुरू करने की सिफारिश की गई है।

नेहरू प्लेस, करोल बाग, कमला नगर, विकास मार्ग, भीकाजी कामा प्लेस के लिए दो साल का लक्ष्य दिया है। कमेटी ने यह भी कहा है सिग्नल फ्री कॉरिडोर, फ्लाईओवर, अंडरपास बहुत जरूरी न हो तो नहीं बनाएं।

नदी, रेलवे लाइन हो तभी बनाएं, वहीं सिग्नल वाले चौराहों की बजाय गोलचक्कर को प्राथमिकता दें। सड़कों की चौड़ाई बढ़ाने की बजाय उसकी संख्या बढ़ाई जाए। दूर जाने वाले ट्रैफिक और लोकल ट्रैफिक को अलग करने की व्यवस्था हो।
संवाददाता:- अक्षय कुमार

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