सैनिकों की बर्बर हत्या पर शिवसेना और कांग्रेस ने सरकार को घेरा

बर्बर हत्यानई दिल्ली। जम्मू एवं कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर तैनात दो भारतीय सैनिकों की पाकिस्तान द्वारा बर्बर हत्या कर दिए जाने के अगले दिन मंगलवार को शिवसेना और कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार में सहयोगी शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पाकिस्तान के खिलाफ सीधी कार्रवाई की मांग की, वहीं कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर भाजपा की नीतियों की आलोचना की।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ए. के. एंटनी ने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में आठ वर्ष रक्षामंत्री रहते हुए भारतीय सैनिकों के साथ बर्बरता की सिर्फ एक घटना हुई थी, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार के तीन वर्ष के कार्यकाल में तीन बार ऐसी घटनाएं घट चुकी हैं।

एंटनी ने जम्मू एवं कश्मीर में सैन्य अड्डों पर हो रहे आतंकवादी हमलों को लेकर चिंता भी जाहिर की। अक्टूबर, 2006 से मई, 2014 तक देश के रक्षामंत्री रहे एंटनी ने यहां पत्रकारों से कहा, “मेरे आठ वर्षो के कार्यकाल के दौरान इस तरह की सिर्फ एक घटना हुई। लेकिन मोदी सरकार के आने के बाद तीन बार। मैं ज्यादा तफसील में नहीं जाना चाहता।”

एंटनी ने कहा, “इस घटना के चलते देशवासियों और भारतीय सेना के आत्मबल को धक्का लगा है। भारतीय सैन्यअड्डों पर लगातार हो रहे आतंकवादी हमलों ने सीमा पर सुरक्षा बंदोबस्त पर सवालिया निशान खड़े किए हैं। सबसे बढ़कर, इससे भारतीय सेना की प्रतिष्ठा, सम्मान और आत्मबल प्रभावित हुई है।”

एंटनी ने इस कृत्य को कायरतापूर्ण और अमानवीय करार देते हुए सरकार को सेना को खुली छूट देने के लिए भी कहा। कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के पूर्व में दिए एक बयान का हवाला देते हुए पूछा क्या वह अब प्रधानमंत्री को अपनी चूड़ियां भेजेंगी?

स्मृति ने 2013 में इसी तरह की घटना के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को चूड़ियां भेजने की इच्छा जाहिर की थी। सिब्बल ने कहा, “संप्रग के शासन में एक महिला सांसद (स्मृति ईरानी) थीं, जिन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री को चूड़ियां भेंट करनी चाहिए। क्या अब वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चूड़ियां भेजेंगी?”

उन्होंने कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए एक नीति होनी चाहिए और सरकार को इस पर विपक्ष के साथ चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने कहा, “भाजपा नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार को चुनाव प्रचार अभियान से फुरसत मिले, तब तो सीमा की सुरक्षा होगी। आखिर यह कौन सी सरकार है, जो जानती है कि पाकिस्तान अपना रास्ता कभी नहीं बदलेगा, इसके बावजूद उन्होंने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को पठानकोट बुलाया।”

सिब्बल ने कहा, “बीते 35 महीनों के दौरान, जम्मू एवं कश्मीर में 135 जवान शहीद हो गए। इसके लिए कौन जिम्मेदार है?” सिब्बल ने आश्चर्य जताते हुए कहा, “उन्होंने कहा था कि नोटबंदी से आतंकवाद पर लगाम लगेगी, लेकिन उसके बाद तो आतंकवादी हमले और बढ़ गए। मुझे याद है, जब साल 2013 में हमारे जवान हेमराज का सिर कलम किया गया था, उस वक्त सुषमाजी (विदेश मंत्री सुषमा स्वराज) ने कहा था कि हमें एक के बदले 10 सिर चाहिए..दो सिर के बदले उन्हें कितने सिर चाहिए?”

वहीं केंद्र के साथ-साथ महाराष्ट्र सरकार में भी भाजपा की सहयोगी शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने भी प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि भारतीय सैनिकों के साथ हुई बर्बरता पर पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए अब मोदी ‘मन की बात’ बंद कर ‘गन की बात’ शुरू करें।

मंगलवार को ही इससे पहले, महाराष्ट्र सरकार में शिवसेना के मंत्री रादमास कदम ने मोदी की तस्वीर दिखाते हुए कहा कि उन्हें (मोदी) चुनाव जीतने की बजाय राष्ट्रीय सुरक्षा पर पूरा ध्यान देना चाहिए।

पाकिस्तान के खिलाफ सीधी कार्रवाई की मांग करते हुए कदम ने कहा, “केंद्र को पाकिस्तान के खिलाफ सीधी कार्रवाई करने से क्या चीज रोक रही है? और कितने सैनिकों को शहादत देनी पड़ेगी और इससे पहले की भारत के हाथ से कुछ निकल जाए, हमें और कितनी विधवाएं देखना चाहते हैं?”

केंद्र की गठबंधन सरकार में सहयोगी उद्धव ने साथ ही केंद्र सरकार से आग्रह किया कि जम्मू एवं कश्मीर में बिगड़ते हालात पर चर्चा के लिए एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए।

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