सुप्रीम कोर्ट का फैसला, वेतन भुगतान को लेकर आपस में समझौता करें कर्मचारी
भारत में कोरोंना महामारी के चलते सम्पुर्ण लॉकडाउन के कारण मजदूरों और कर्मचारियों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने फैसला किया था कि 54 दिन का कंपनी वेतन देगी। लेकिन उद्योगों की असमर्थता के कारण सुप्रीम कोर्ट ने कंपनियों द्वारा दायर कई याचिकाओं को लेकर अपना फैसला सुनाया और एक महत्पूर्ण बात कही कि मजदूर और उद्योग एक दूसरे पर निर्भर हैं। इसलिए किसी भी उद्योग पर दंडात्मक कार्रवाई न हो।

इन याचिकाओं में कोविड-19 महामारी को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के 54 दिनों की अवधि के दौरान कर्मचारियों को पूर्ण वेतन और भुगतान करने के गृह मंत्रालय के आदेश को चुनौती दी गई थी। इसी मामले पर सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अशोक भूषण ने कहा कि हमने एम्प्लोए के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया है| कोर्ट ने कहा कि सैलरी भुगतान को लेकर स्टाफ और कर्मचारी आपस में समझौता करें।