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जापान की कला प्रदर्शनी में दिखेंगी उषा की सिलाई मशीनें

सिलाई मशीनों

नई दिल्ली। जापान के टोक्यो में मोरी आर्ट म्यूजियम में कलाकार एन.एस. हर्षा के मिड-कैरियर रेट्रोस्पेक्टिव प्रदर्शनी ‘चार्मिग जर्नी’ को प्रस्तुत किया जा रहा है। इस प्रदर्शनी में उषा की 193 सिलाई मशीनों के साथ भव्य पैमाने पर आर्ट इंस्टालेशन ‘नेशंस’ का प्रदर्शन किया जाएगा। इन सिलाई मशीनों पर कैलिको से पेंट किये गए झंडे होंगे, जोकि संयुक्त राष्ट्र का निर्माण करने वाले देशों का प्रतिनिधित्व करेंगे।

इस प्रदर्शनी की शुरुआत 4 फरवरी 2017 से होगी और इसमें 1995 से हर्षा के प्रमुख कार्यो को शामिल किया जाएगा। इस प्रदर्शनी में उन थीम्स को एक्स्प्लोर किया जाएगा, जोकि उनके अभ्यास में निरंतर शामिल हैं।

उषा के साथ अपने सहयोग पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कलाकार एन.एस. हर्षा ने कहा, “उषा का सहयोग एक बांधने वाली ऊर्जा के तौर पर सामने आया है। इसके जरिये हम दो रचनात्मक प्रक्रियाओं ‘कल्पना’ और ‘अहसास’ के दो किनारों को बांध सकते हैं। ‘आर्ट प्रोजेक्ट’ के प्रति दिखाई गई उनकी उदारता एवं उत्साह ने मुझे गहराई से छुआ है और इसके लिए मैं उनका शुक्रगुजार हूं।”

उषा की सभी 193 सिलाई मशीनें अलग-अलग रंग के धागों से जुड़ी हुई हैं। इस कलाकार ने झंडों एवं सामाजिक-सांस्कृतिक एवं आर्थिक लाइनों द्वारा विभाजित दुनिया के दृष्टिकोण का सृजन किया है। यह लेबर आउटसोर्सिग, पलायन और वैश्विक बाजार के बलों के मुद्दों को उठाती है। इसमें किए गए कपड़ों का इस्तेमाल भारत की आजादी के लिए किए गए राष्ट्रीय संघर्ष में कपड़ों की महत्वपूर्ण भूमिका की याद दिलाता है।

एन.एस. हर्षा ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शनी लगाई हैं और वे चित्रकारी एवं इंस्टालेशंस सहित मीडिया की रेंज में कार्य करते हैं। वे अपने देश भारत में सांस्कृतिक परंपराओं की बारीकियों का संयोजन करते हैं। उनके विषय हमेशा सुर्खियों में रहते हैं, जोकि दुनिया में हो रहे बदलाव को परिलक्षित करते हैं। उनके कार्य में जिंदगी की मनमौजी एवं कष्टकारी हालत को बयां करने पर ध्यान दिया जाता है।

मोरी आर्ट म्यूजियम कंटेम्परेरी जापानी एवं एशियाई कला का केन्द्र है, जोकि वैश्विक संदर्भ में एशियाई कला रुझानों को प्रस्तुत करता है।

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