स्मार्टफोन के एक ग्रीन सिग्नल से चल रहा चीन पटरी पर, टेक्नोलॉजी का किया इस तरह इस्तेमाल…

चीन के वुहान शहर से निकला कोरोना वायरस जहां एक तरफ बाकी दुनिया पर अपना असर दिखा रहा है वहीं दूसरी तरफ चीन वापस पटरी पर आने की तैयारी कर चुका है. चीन ने इस महामारी से निपटने के लिए टेक्नोलॉजी का भरपूर प्रयोग किया है और आगे भी कर रहा है.
चीन

कोरोना के खत्म होने के बाद चीन के वुहान में अब जिंदगी स्मार्टफोन के एक ग्रीन सिग्नल के सहारे चल रही है। हरा संकेत एक ऐसा ‘स्वास्थ्य कोड’ है जो बताता है कि यह व्यक्ति कोरोना के संक्रमण के लक्षण से मुक्त है। खास बात यह है कि यह संकेत किसी भी होटल या दुकान में प्रवेश कने के लिए जरूरी है।

वु शेंगहोंग ने बताया अपना अनुभव

कपड़े का उत्पादन करने वाली एक कंपनी की एक प्रबंधक वु शेंगहोंग ने बुधवार को वुहान सबवे स्टेशन पर अपना स्मार्टफोन निकाला और वहां लगे एक पोस्टर के बार कोड को अपने फोन से स्कैन किया। इससे उनका पहचान पत्र संख्या और हरा संकेत आ गया। इसके बाद सबवे पर मास्क और चश्मा पहने एक गार्ड ने उन्हें आगे जाने की इजाजत दी।
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अगर यह कोड लाल आता तो गार्ड को इसकी जानकारी मिल जाती कि या तो वह संक्रमित हैं या उन्हें बुखार और अन्य लक्षण हैं। वहीं येलो कोड यह बताता कि वह संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आई हैं और दो सप्ताह का पृथक समय नहीं बिताया है। इसके बाद उन्हें किसी अस्पताल या घर में पृथक रखा जाता।

लाल या पीले कोड वाले नहीं निकल सकते घर से बाहर

चीनी अधिकारी इस कोड के जरिए संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ाए बगैर चीन की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना चाहते हैं। लोग फैक्ट्रियों, कार्यालयों और दुकानों में काम पर लौट रहे हैं। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं ने मंगलवार को विज्ञान पत्रिका ‘साइंस’ में प्रकाशित ‘डिजिटल कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग यानी डिजिटलीकरण के माध्यम से संपर्कों को पता लगाना’ रिपोर्ट में कहा है कि इस चीन के तरीके को अन्य सरकारों को भी अंगीकार करना करना चाहिए। यहां ट्रेनों में तय दूरी बनाए रखने के संकेत लगे हुए हैं और ट्रेन से उतरने के बाद भी फिर से स्कैन करना होता है।
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