सूर्य देव के इस मंत्र से मिलेगी समृद्धि…

surya-dev-ji_57123f5814ea4एजेंसी/भगवान सूर्य बहुत तेजस्वी देव हैं। यदि जन्मकुंडली की बात करें तो भगवान सूर्य को ग्रहों में विशेष माना जाता है। भगवान सूर्य श्रावण मास के अधिपति सूर्य भी कहे जाते हैं वैसे ये नवग्रहों के प्रधान देवता भी हैं। ये अपने रथ अंगिरा ऋषि, विश्वावसु गंधर्व, प्रम्लोचा अप्सरा, एलापुत्र, नाग, श्रोता, यक्ष और शर्य के साथ चलते हैं। भगवान सूर्य के रविवार को किए जाने वाले पूजन से विशेष लाभ मिलता है।

यही नहीं भगवान का रविवार को पूजन करने से दरिद्रता का नाश होता है। तो दूसरी ओर चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को भगवान का विशेष पूजन करने और

इम्द्रो विश्वावसुश्श्रोता चेलापुत्रस्तथाड्गिराः। प्रम्लोचा राक्षसश्शर्यो नभोमासं नयन्त्मी।।
सहस्त्ररश्मिसंवीतमिन्द्रं वरदमाश्रेये। शिरसा प्रणमाम्यद्य श्रेयो वृद्धिप्रदायकम्

मंत्र उच्चरित कर भगवान सूर्य का ध्यान करें और भगवान श्री सूर्य को एक तांबे के कलश से अध्र्य दें तो जीवन में तेज, दीर्घायु, ऐश्वर्य, कीर्ति, समृद्धि की प्राप्ति होती है। 

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