9/11 हमले में केस पर भड़का सऊदी, बोला-बेच देंगे अमेरिका

सऊदीन्यूयार्क। अमेरिकी सीनेट ने 9/11 हमले के पीड़ितों को मुआवजा देने से जुड़ा हुआ एक अहम बिल पास किया है। इस बिल की मदद से पीड़ित मुआवजा पाने के लिए सऊदी अरब के खिलाफ केस कर पायेंगे।

सऊदी से नहीं बिगाड़ना चाहते हैं रिश्ता

हालांकि माना जा रहा है कि ओबामा प्रशासन इस बिल के खिलाफ वीटो का इस्तेमाल करेगा।

वीटो के इस्तेमाल करने का कारण यह है कि इस बिल के चलते अमेरिका और सऊदी के रिश्ते बिगड़ सकते हैं।

सऊदी अरब भी ह्मेशा से इस बिल का विरोध करता रहा है। उसका कहना है की यदि अमेरिका ने इस बिल को मंजूरी दी तो वह अमेरिका के 750 बिलियन डॉलर की संपत्ति को बेच देगा।

इस बिल को ‘द जस्टिस अगेंस्ट स्पॉन्सर्स ऑफ टेररिज्म एक्ट’ (जेएएसटीए) नाम दिया गया है। अमेरिकी जांच एजेंसियों का कहना है कि 2001 में अलकायदा के आतंकी हमले में सऊदी अरब के लोगों का हाथ था।

वहां की सरकार ने उन पर कार्रवाई नहीं की। 9/11 हमलों को लेकर सऊदी अरब जिम्मेदारी लेने से बचता रहा है। अभी इस बिल को हाउस ऑफ रिप्रेजेंटटेटिव्स से हरी झंडी मिलनी बाकी है।

इस पर कब वोटिंग होगी, इसके लिए अभी तारीख तय नहीं हुई है। अगर यह कानून बन जाता है तो अमेरिकी सरकार की पीडि़तों को मुआवजा देने की जिम्मेदारी खत्म हो जाएगी।

दो तरह के लोग मुआवजे का दावा कर सकेंगे। पहले वो जो इस हमले में घायल हुए थे। और दूसरे उन लोगों के रिश्तेदार जो हमले में मारे गए थे।

इस बिल के सबसे बड़े समर्थक डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर चार्ल्स शुमर हैं। उनका कहना है कि सीनेट के सभी मेंबर्स इस बिल को पास करना चाहते थे।

पीडि़तों को इंसाफ मिलना चाहिए भले ही इसके लिए कोई देश जिम्मेदार क्यों न हो। उन्‍हें उम्‍मीद है कि यह बिल कानून बनेगा।

इस बिल पर रिपब्लिकंस और डेमोक्रेट्स के बीच सहमति है। दोनों पार्टियां चाहती हैं कि यह बिल पास हो। 9/11 हमले के पीडि़तों के वकील जेम्‍स क्रेंडलर ने कहा कि इस बिल पर वीटो लाना ओबामा का पागलपन होगा।