बाजार खुलने-परिवहन की सुविधा बढ़ने से कच्चे माल की आपूर्ति मिलने से औद्योगिक इकाइयों ने पकड़ ली रफ्तार

अगस्त माह का दूसरा पखवारा बीतने को है। सभी बाजार खुलने व परिवहन की सुविधा बढ़ने से कच्चे माल की आपूर्ति मिलने से औद्योगिक इकाइयों ने रफ्तार पकड़ ली है। जिससे उद्यमियों में कारोबार बढ़ने की उम्मीद जगी है। बाजार खुलने से कच्चा माल आसानी से उपलब्ध हो रहा है। श्रमिकों की कमी भी दूर हो गई है।

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राजकीय औद्योगिक आस्थान में फूड प्रोसेसिग, सीमेंट, केमिकल, चीनी मिल, उर्वरक, दवा, सर्विसिग, आटा चक्की आदि इकाइयां चालू हैं। वहीं पंजीकृत इकाइयों में आटा चक्की, दूध से क्रीम बनाने, राइस मिल, मोबाइल रिपेयरिग, टीवी रिपेयरिग आदि इकाइयां कार्य कर रही हैं।

उद्यमी संजीव अरोरा ने कहा कि श्रमिक की कोई समस्या नहीं है, लेकिन उत्पाद बेचने में अभी दिक्कत आ रही है। कीटनाशक व खरपतवार नाशक रसायन इस सीजन में बारिश के कारण नहीं बिके। उम्मीद है आगे स्थिति में सुधार होगा।

पंजीकृत 6626 इकाइयां चालू

जिले में कुल पंजीकृत 7280 में 6626 इकाइयां चालू हैं। इन इकाइयों में 24493 लोगों को काम मिला है। वहीं सतत प्रक्रिया उद्योगों में शुमार राजकीय औद्योगिक आस्थान परिसर स्थित मे.केमिकल एंड एलाएड प्रोडक्ट्स, मे.आरके एग्रो प्राइवेट लिमिटेड व हाटा रोड स्थित मेसर्स देवरिया पेपर मिल लिमिटेड चालू है।

देवरिया, सलेमपुर व गौरीबाजार में इकाइयां चालू

जिले में बृहद राजकीय औद्योगिक क्षेत्र देवरिया में 34 में 28, सलेमपुर में 12 में आठ इकाइयां संचालित हैं। मिनी औद्योगिक क्षेत्र गौरीबाजार में 21 में 16 इकाइयां चल रही हैं। औद्योगिक क्षेत्र रुद्रपुर, भाटपाररानी, पथरदेवा व बरहज में एक भी इकाई चालू नहीं है।

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