‘कश्मीर’ पर अब्दुल्ला ने नहीं मांगी माफ़ी लेकिन लखनऊ में फंसे

फारुख अब्दुल्लाश्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्षी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारुख अब्दुल्ला ने हुर्रियत पर दिए गए बयान पर सफाई दी है। फारुख ने कहा, ‘सिर्फ मुझे क्यों घेरा जा रहा है? सत्ताधारी बीजेपी-पीडीपी भी सभी से चर्चा कर रही हैं। उनके एजेंडे में यह साफ है कि हुर्रियत से भी बातचीत होनी चाहिए।’ फारुख ने अपने बयान पर माफी मांगने के सवाल पर कहा, ‘मैं ही क्यों माफी मांगूं? मैंने कुछ गलत नहीं कहा है। क्या आप शांति नहीं चाहते?’

वहीं, गुरुवार को लखनऊ में नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारुख अब्दुल्ला पर कश्मीर के मुद्दे पर दिए गए विवादित बयान को लेकर वकील हेमचंद्र जोशी ने एफआईआर दर्ज कराने के लिए राजधानी के गोमती नगर थाने में तहरीर दी है। हेमचंद्र जोशी का कहना है कि फारुख अब्दुल्ला कश्मीर मुद्दे पर देश विरोधी बयान दे रहे हैं, यही वजह है कि एक भारतीय होने के नाते उन्होंने यह कदम उठाया है।

हेमचंद्र जोशी ने यह भी कहा कि मुझे कानून पर पूरा भरोसा है और मैं उम्मीद करता हूं कि कानून अपना काम अच्छे से करेगा और फारुख अब्दुल्ला पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

फारुख अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा था कि उनकी पार्टी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के खिलाफ नहीं है। यही नहीं, उनकी पार्टी कश्मीरी लोगों के अधिकारों की मांग और आजादी का समर्थन करती है। हुर्रियत नेताओं से अलगाववादी आंदोलन जारी रखने का आग्रह करते हुए अब्दुल्ला ने कहा, ‘हम तब तक आजाद नहीं हो सकते, जब तक हम एकजुट न हों। मैं नेशनल कॉन्फ्रेंस के कार्यकर्ताओं से कह रहा हूं कि वे इस आंदोलन से अलग ना रहें।’

अब्दुल्ला ने अपने पिता और पार्टी संस्थापक शेख मोहम्मद अब्दुल्ला की 111वीं जयंती के मौके पर हजरतबल में आयोजित एक कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के दौरान कहा था कि आग की ये लपटें कभी नहीं बुझेंगी। वे (नई दिल्ली) आपको कभी कुछ नहीं देंगे। आपको अपने इस संघर्ष को जारी रखना होगा। वो आपको पाकिस्तान से ऐंठ नहीं सकेंगे। हमने इस आंदोलन के लिए अपनी पूरी जिंदगी लगा दी।

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