नेपाल में आंबा बांध टूटने से बाढ़ में घिरे 55 गांव

नेपाल में आंबा बांध टूटने से सीमावर्ती गांवों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। इसके साथ ही सरयू व घाघरा के उफान से 55 गांव जलमग्न हो गए हैं। इन गांवों के लोग गृहस्थी का सामान समेटकर सुरक्षित स्थानों पर पलायन कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से अभी तक पर्याप्त राहत बचाव कार्य शुरू नहीं किए गए हैं।

बिछिया : नेपाल में 10 वर्ष पूर्व सीमा से सटा आंबा बांध बनाया गया था, ताकि बरसात में नेपाली व भारतीय गांवों को बाढ़ से बचाया जा सके। बांध टूटने से फकीरपुरी, रमपुरवा समेत कई गांवों में पानी भर गया है। गांव के विजय, शेरा, पंकज, मनोज, भोला समेत कई किसानों के खेत में लगी फसलें बर्बाद हो गई। बौंडी : महसी तहसील के तारापुरवा, मथुरापुरवा, सिलौटा, जोगापुरवा, परेडटेपरा, नगेश्वरपुरवा, जगन्नाथपुरवा, कोरहवा, पिपरी, कायमपुर, गोलागंज, छत्तरपुरवा, प्रह्लादपुरवा, चुन्नीलालपुरवा, कोरहवा समेत 20 गांव बाढ़ के पानी से जलमग्न है। कायमपुर, जर्मापुर, अटोडर, जोगापुरवा, प्रह्लादपुरवा, तारापुरवा, छत्तरपुरवा, बौंडी, चुन्नीलालपुरवा, रानीबाग, सिलौटा आदि गांवों के मुख्य मार्ग बाढ़ के पानी से अवरुद्ध हो चुके हैं। टिकुरी में होली, विजय कुमार, इदरीश, राजिदर, रमेश समेत अन्य किसानों की आठ बीघा कृषि योग्य भूमि धारा में समाहित हो गई। अधिशासी अभियंता शोभित कुशवाहा ने बताया कि शारदा बैराज से 146172 क्यूसेक, गिरजापुरी बैराज से 128600 क्यूसेक व सरयू बैराज से 13948 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। घूरदेवी स्पर पर लाल निशान 112.150 मीटर के सापेक्ष घाघरा का जलस्तर 112.130 मीटर रिकॉर्ड किया गया। एसडीएम एसएन त्रिपाठी व तहसीलदार राजेश कुमार वर्मा ने बाढ़ पीड़ितों को तिरपाल बांटा। शिवपुर : ब्लॉक क्षेत्र के सैय्यदनगर समेत कई गांव बाढ़ के पानी से घिरे हैं। शिवपुर में टॉवर में पानी भर गया है।

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