डिजिटल लेनदेन में क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करते समय ना करें ये गलतियां, पढ़े पूरी खबर

 डिजिटल लेनदेन में क्रेडिट कार्ड पेमेंट की हिस्सेदारी काफी अधिक बढ़ी है। अब महानगरों के साथ-साथ छोटे शहरों में भी क्रेडिट कार्ड का अधिक इस्तेमाल देखने को मिल रहा है। हालांकि, डेबिट या एटीएम कार्ड की तरह क्रेडिट कार्ड की सेफ्टी भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। क्रेडिट कार्ड यूजर्स को अपने कार्ड से होने वाली हर लेनदेन को लेकर बहुत अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत होती है। क्रेडिट कार्ड यूजर्स को जागरूक करने को लेकर प्राइवेट सेक्टर के देश के सबसे बड़े बैंक HDFC Bank ने कुछ टिप्स साझा किए हैं। एचडीएफसी बैंक के हेड प्रोडक्ट्स (कंज्यूमर क्रेडिट कार्ड एवं डिजिटल एक्विजिशन) अंशुमन चटर्जी ने इस बारे में कहा कि ‘क्रेडिट कार्ड रखने का पहला नियम यह है कि आप अपना कार्ड नंबर किसी को भी न बताएं। कार्ड की ओटीपी भी किसी को भी न बताएं। बैंक को भी यह जानकारी न दें। यह निजी जानकारी है और केवल लेनदेन के लिए है।’

हर लिंक पर नहीं साझा करें क्रेडिट कार्ड की जानकारी

चटर्जी ने कहा कि यूजर्स को क्रेडिट कार्ड से जुड़ी जानकारी हर लिंक पर शेयर करने से बचना चाहिए। इस मामले में समझदारी से काम लेने की जरूरत होती है। हर साइट आपके लिए सुरक्षित और मददगार नहीं होती है। किसी भी तरह स्पैम ईमेल से सतर्क रहें। नया क्रेडिट कार्ड पाने के लिए अगर आपको कोई कार्ड के अंतिम चार डिजिट बताने को कहता है, तो उसे स्पष्ट तौर पर ना कहें। इसके लिए आप इस तरह के हर कॉल पर ‘ना’ कहना सीख जाएंगे तो सुरक्षित रहेंगे। 

उन्होंने कहा कि क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल के समय सावधानी ही बचाव है और इस बारे में कोई शंका नहीं। उन्होंने कहा, ‘सावधानी का कोई दूसरा विकल्प नहीं।’

चटर्जी ने कहा कि सभी तरह की सतर्कता के बावजूद अगर आप धोखाधड़ी के शिकार हो जाते हैं और उसकी सूचना समय पर बैंक को देते हैं तो उस लेनदेन की जिम्मेदारी बैंक की होगी। इस धोखाधड़ी वाली लेनदेन के लिए बैंक आपसे पैसे नहीं लेगा और आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

रिस्क और फ्रॉड पर लगातार होती है बैंक की नजर

बकौल चटर्जी बैकएंड में बैंक आपके क्रेडिट कार्ड से होने वाली लेनदेन को सुरक्षित बनाने के लिए निरंतर काम में लगा रहता है। उन्होंने कहा कि क्रेडिट कार्ड्स के लिए एक टीम हर दिन, हर समय रिस्क एवं फ्रॉड पर नजर रखती है। इस दिशा में कदम उठाते हुए बैंक ने डेटा एवं एनालिसिस के मैनेजमेंट के लिए अपना खुद का आईपी बना लिया है। इससे हर वक्त संदिग्ध ट्रांजैक्शन पर नजर रखी जा सकती है। हम किसी भी तरह की संदिग्ध लेनदेन होने पर ग्राहकों से तत्काल संपर्क करते हैं। 

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