टिक टॉक समेत इन सभी चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाएगा अब ये… देश

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका टिकटॉक सहित अन्य चीनी सोशल मीडिया ऐप्स पर “निश्चित रूप से” प्रतिबंध लगाएगा। गौरतलब है कि कोरोना वायरस से जूझ रहे दुनिया भर के कई देश अब चीन से ऊब चुके हैं और अपनी ओर से चीन को कोई फायदा नहीं देना चाहते।

इधर भारत कोरोना के अलावा सीमा पर चीनी सैनिकों की अपने सैनिकों से झड़प और जमीन कब्जाने की कोशिश से ड्रैगन से चिढ़ा हुआ है। चीन की मंशा देखते हुए भारत ने उसपर डिजिटल स्ट्राइक की है। हाल ही में भारत सरकार ने अलग-अलग तरीके के 59 मोबाइल एप को देश की संप्रभुता, अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए पूर्वाग्रह रखने वाला बताते हुए उन पर प्रतिबंध लगा दिया। आईटी मंत्रालय ने सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा कि उसे विभिन्न स्रोतों से कई शिकायतें मिली हैं, जिनमें एंड्रॉइड और आईओएस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कुछ मोबाइल ऐप के दुरुपयोग के बारे में कई रिपोर्ट शामिल हैं। इन रिपोर्ट में कहा गया है कि ये एप ”उपयोगकर्ताओं के डेटा को चुराकर, उन्हें भारत के बाहर स्थित सर्वर को अनधिकृत तरीके से भेजते हैं।

टिकटॉक के अलावा शेयर इट, यूसी ब्राउजर,यूसी न्यूज, हेलो, लाइकी, वीचैट, वीगो, कैम स्कैनर, क्लीन मास्टर जैसे एप के लिए भारत एक बहुत बड़ा बाजार था। अधिकतर एप्स का यूजर बेस करोड़ों में था और इनकी खूब कमाई भी हो रही थी।  यूसी ब्राउजर देश में गूगल क्रोम के बाद सबसे बड़ा ब्राउजर बन गया था। भारत में टिकटॉक को करीब 47 करोड़ बार डाउनलोड किया जा चुका था। इसके कुल यूजर्स का 30 फीसदी हिस्सा भारत में था। भले ही रेवेन्यू के मामले में यह एप भले ही फेसबुक से बहुत पीछे था, लेकिन यूजर्स बेस के मामले में इसने फेसबुक जैसी दिग्गज कंपनियों को पीछे छोड़ दिया था।

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