कॉन्ट्रासेप्टिव पिल भी होगी घुटने की चोट में मददगार साबित

knee-pain-650_650x488_41458885066-300x225एजेन्सी/न्यूयॉर्क: कई बार हमें बचपन में लगी चोट पूरी जिंदगी परेशान करती है। आपको बता दें कि जो महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करती हैं, उनके एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर कम होता है। करीब 15 से 19 साल की उम्र की 23,428 महिलाओं पर किए गए अध्ययन में यह पाया गया कि जिन महिलाओं को एंटीरियर क्रूसिएट लिंगामेंट (एसीएल यानी घुटने के जोड़) में चोट की समस्या थी और वे अगर गर्भनिरोधक गोलियां ले रही थीं, तो उन्हें डाएग्नॉस्टिक सर्जरी करवाने की ज़रूरत कम पड़ी।

प्रमुख शोधकर्ता एवं अमेरिका के गेलवेस्टन में स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास की मेडिकल शाखा के ऐरॉन ग्रे ने कहा कि “गर्भनिरोधक गोलियां, एस्ट्रोजन का स्तर कम रखती हैं, जिससे समय-समय पर होने वाली एसीएल कमजोरी से बचाव होता है”।

एसीएल एक प्रकार का जोड़ होता है, जो घुटने के ऊपरी और निचले हिस्से को जोड़ता है। इस जोड़ में चोट लगने से जिंदगी भर के लिए घुटने में परेशानी आ सकती है और इलाज के लिए इसकी सर्जरी करानी पड़ सकती है।

यह शोध ‘मेडिसिन एंड साइंस इन स्पोर्ट्स एंड एक्सरसाइज’ पत्रिका में प्रकाशित किया गया है।

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