कम्युनिटी सर्विलांस से पकड़े गए कोरोना के 17 फीसद केस, पढ़े पूरी खबर…

कम्युनिटी सर्विलांस की अहमियत का पता इस बात से चलता है कि दून में कोरोना संक्रमण के जितने मामले सामने आए हैं, उनमें 17 फीसद सर्विलांस से पकड़े गए। यह जानकारी जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने कम्युनिटी सर्विलांस के दूसरे चरण की औपचारिक शुरुआत के अवसर पर दी। इस दौरान जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 714 इंफ्रारेड थर्मामीटर भी बांटे।

पत्रकारों से रूबरू जिलाधिकारी ने बताया कि कम्युनिटी सर्विलांस के माध्यम से मिली जानकारी के आधार पर 5000 लोगों के सैंपल लिए गए। इसमें 125 लोग पॉजिटिव भी पाए गए। उन्होंने बताया कि अब दूसरा चरण शुरू हो गया है और अब पूरा भार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर रहेगा, क्योंकि आशाएं सिर्फ कंटेनमेंट जोन जोन में सर्विलांस करेंगी। इसके अलावा वह अपने रूटीन काम पर ध्यान देंगी। जिलाधिकारी ने सर्विलांस टीम की सराहना करते हुए उनका हौसला भी बढ़ाया। उन्होंने कहा कि सर्विलांस टीम परिवार के हर सदस्य की जानकारी दर्ज करें और थर्मामीटर से सभी का तापमान लें। खासकर कोमोर्बिडिटी वाले लोगों पर विशेष ध्यान दिया जाए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से जिलाधिकारी ने उनके काम के अनुभव भी जाने। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश आदि उपस्थित रहे।

सर्विलांस  की स्थिति

  • पहला चरण
  • कुल परिवार——–398502
  • कोमोर्बिडिटी——–5288
  • कुल लोग——–1896025
  • दूसरा चरण (अब तक)
  • कुल परिवार——–15689
  • कोमोर्बिडिटी——–749
  • कुल लोग,——–68511

सभी प्रमुख अस्पतालों में होगी डेंगू की जांच

दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय कोविड-हॉस्पिटल में तब्दील किया गया है। वहीं अन्य सरकारी अस्पतालों से भी बड़ी संख्या में चिकित्सक-कर्मचारियों की ड्यूटी कोरोना की रोकथाम में लगाई गई है। ऐसे में जरूरी है कि निजी अस्पतालों को डेंगू के खिलाफ लड़ाई में सक्रिय किया जाए। इसी क्रम में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बीसी रमोला ने प्रमुख निजी अस्पतालों को पत्र भेज अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों से कहा गया है कि वह अपने यहां उपचार एवं जांच की पर्याप्त व्यवस्था रखें। 

सीएमओ ने आदेश में कहा है कि गत वर्ष तक निजी अस्पतालों से भी ज्यादातर सैंपल दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय व गांधी अस्पताल में भेजे गए थे। पर दून में जहां कोरोना का उपचार किया जा रहा है, गांधी व कोरोनेशन अस्पताल के भी ज्यादातर चिकित्सक-कर्मचारी कोविड ड्यूटी में हैं। ऐसे में निजी अस्पताल जांच की व्यवस्था अपने स्तर पर करें। उन्हें तत्काल आपदा अधिनियम के तहत एलाइजा रीडर, एलाइजा वॉशर और पर्याप्त एलाइजा किट का इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। 

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