अब गावों में मिलेगा बेहतर इलाज,जानिये क्या है आयुष्मान सहकार योजना ?

गावों में स्वास्थ्य सेवा को चुस्त दुरुस्त और उसे बेहतर रूप देने के लिए केंद्र सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। कृषि एवं कल्याण मंत्रालय ने आयुष्मान सहकार योजना की शुरुआत की है। इसके अंतर्गत शीर्ष स्वायत्त विकास वित्त संस्थान राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम ने सहकारी समितियों द्वारा देश में स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए ब्लूप्रिंट तैयार किया है।

वैश्विक महामारी कोरोना से सबक लेते हुए केंद्र सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में  चिकित्सा प्रणाली को बेहतर बनाने में जोरों शोरों से जुट गयी है। सरकारी चिकित्सा सेवा को मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ सरकार ने सहकारी संस्थाओं को भी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोलने की अनुमति देने का फैसला किया है। वहीँ इसके लिए राष्ट्रीय कोऑपरेटिव विकास निगम उन्हें किफायती दरों पर आसान ऋण उपलब्ध कराएगा।

केंद्रीय राज्य मंत्री परोत्तम रुपाला ने बताया,आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम {एनसीडीसी} दस हजार करोड़ रूपये तक का ऋण मुहैया कराएगा। इस आर्थिक सहायता से सहकारी संस्थाए भी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोल पाएंगी।

एनसीडीसी के एमडी संदीप नायक  ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा है कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं के ढांचे को मजबूत बनाना है। कोरोना काल के बाद यह अत्यंत जरुरी हो गया है। सरकार का इस पर विशेष फोकस है। उन्होंने कहा कि देश में 16 लाख सहकारी संस्थाएं है। कई राज्यों में वे कृषि,एग्रो प्रोसेसिंग के क्षेत्र में अच्छा कार्य कर रही हैं। आयुष्मान सहकार योजना के जरिए उन्हें चिकित्सा एवं दवा क्षेत्र में  कार्य करने के लिए किफ़ायती ऋण उपलब्ध कराये जायेंगे।

उन्होंने कहा कि  देश में कुल 52 अस्पताल सहकारी संस्थाओं द्वारा संचालित हैं, लेकिन अभी तक कोई ऐसी योजना नहीं थी,जो स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सहकारी संस्थाओं को सहायता प्रदान करे। उन्होंने कहा कि 9.6 फीसदी की ब्याज दर पर एलोपैथी या आयुष अस्पताल,मेडिकल कॉलेज, लैब,डाग्यनोस्टिक सेण्टर, दवा केंद्र अधिक खोलने के लिए ऋण उपलब्ध कराये जायेंगे।

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