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CBSE बोर्ड परीक्षा में बीमार होने या परीक्षा मिस करने पर क्या होता है? सख्त नियम, कोई री-एग्जाम नहीं ?

CBSE बोर्ड परीक्षाओं के दौरान अगर कोई छात्र बीमारी, हाई फीवर, अस्पताल में भर्ती या किसी आपात स्थिति के कारण परीक्षा देने से चूक जाता है, तो बोर्ड कोई री-एग्जाम या सप्लीमेंट्री परीक्षा नहीं करवाता है। यह CBSE की सख्त नीति है, जिसके तहत छात्रों को अगले साल कम्पार्टमेंट परीक्षा देनी पड़ती है या विषय दोबारा चुनना पड़ सकता है।

CBSE की आधिकारिक गाइडलाइंस के अनुसार, परीक्षा के दिन कोई विशेष अनुमति या वैकल्पिक परीक्षा की व्यवस्था नहीं है, चाहे कारण कितना भी गंभीर क्यों न हो। केवल बहुत दुर्लभ मामलों में (जैसे प्राकृतिक आपदा या पूरे केंद्र पर प्रभाव) बोर्ड विशेष विचार कर सकता है, लेकिन व्यक्तिगत बीमारी या पारिवारिक आपात स्थिति के लिए कोई छूट नहीं मिलती।

छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि परीक्षा से पहले स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखें, जरूरी दवाइयां साथ रखें और अगर कोई पुरानी बीमारी है तो डॉक्टर से पहले से सलाह लें। परीक्षा के दिन कोई समस्या होने पर तुरंत केंद्र अधीक्षक को सूचित करें, लेकिन उम्मीद न रखें कि री-एग्जाम होगा।

यह नीति छात्रों को परीक्षा की तैयारी और स्वास्थ्य प्रबंधन में ज्यादा सतर्क रहने के लिए मजबूर करती है।

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