
उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों के मद्देनजर मतदाता सूची को पूरी तरह से पारदर्शी, त्रुटिरहित और निष्पक्ष बनाने के उद्देश्य से राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने एक बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। वर्तमान में राज्य भर में चलाए जा रहे विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत, मतदाता सूची में मौजूद सभी प्रकार की दोहरी और फर्जी प्रविष्टियों को जड़ से खत्म करने के लिए संबंधित अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि दोहरे नामों की पहचान करने और उनके त्वरित निस्तारण के कार्य में यदि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा थोड़ी सी भी लापरवाही या कोताही बरती गई, तो उनके खिलाफ विभागीय स्तर पर अत्यंत कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह अहम कदम चुनाव प्रक्रिया की पवित्रता को बनाए रखने के लिए उठाया जा रहा है, जिससे राज्य में निष्पक्ष मतदान की नींव और मजबूत हो सके।
मतदाता सूची को शुद्ध करने के इस व्यापक अभियान में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को सबसे महत्वपूर्ण जमीनी जिम्मेदारी सौंपी गई है। भारत निर्वाचन आयोग के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अनुसार, सूची से किसी भी फर्जी या दोहरे नाम को हटाने की पूरी विधिक प्रक्रिया विशेष रूप से फॉर्म-7 के माध्यम से ही संपन्न की जाएगी। इसके लिए सभी बीएलओ को घर-घर जाकर भौतिक रूप से और स्थानीय स्तर पर गहन सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी सही मतदाता का नाम गलती से न छूटे।
इसके साथ ही, प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि इस प्रक्रिया का कोई गलत फायदा न उठा सके। प्रशासन की तरफ से सख्त चेतावनी जारी की गई है कि यदि फॉर्म-7 का दुरुपयोग करके किसी वैध मतदाता का नाम कटवाने के उद्देश्य से कोई झूठी या मनगढ़ंत आपत्ति दर्ज कराई जाती है, तो ऐसे फर्जी शिकायतकर्ताओं की भी जांच होगी और उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नागरिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए और इस शुद्धिकरण प्रक्रिया में आम जनमानस की भागीदारी बढ़ाने के लिए पूरे उत्तर प्रदेश में 24 अक्टूबर 2026 को एक विशेष अभियान दिवस का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष दिन राज्य का कोई भी नागरिक अपने मतदाता पहचान पत्र से जुड़ी किसी भी प्रकार की त्रुटि को सुधारने, नए नाम जोड़ने या आपत्तियां दर्ज कराने के लिए अपने मतदान केंद्र पर आसानी से आवेदन कर सकेगा।
निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार, सभी दावों और आपत्तियों के सुचारू निपटारे के बाद 12 नवंबर 2026 को आलेख्य (ड्राफ्ट) मतदाता सूची का आधिकारिक तौर पर प्रकाशन कर दिया जाएगा। इस प्रकाशन के पश्चात अंतिम और पूरी तरह से त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाएगी।



