उत्तराखंड

उत्तराखंड: गुटखा और पान मसाला पर एक साल का पूर्ण प्रतिबंध, पूरे राज्य में सघन कार्रवाई शुरू

उत्तराखंड सरकार ने जनस्वास्थ्य को सर्वोपरि रखते हुए एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। राज्य में गुटखा, पान मसाला और तंबाकू या निकोटीन युक्त सभी खाद्य उत्पादों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर एक साल के लिए पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। राज्य के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त विनय शंकर पांडे द्वारा जारी किए गए इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

इस प्रतिबंध के दायरे में वे सभी उत्पाद आएंगे जिनमें तंबाकू या निकोटीन का इस्तेमाल होता है, चाहे वे किसी भी ब्रांड के नाम से बाजार में बेचे जा रहे हों। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि इस तरह के उत्पादों की पूरी आपूर्ति श्रृंखला पर कड़ी नजर रखी जाएगी।

इस महत्वपूर्ण फैसले के पीछे का मुख्य उद्देश्य आम जनता के स्वास्थ्य की रक्षा करना है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त विनय शंकर पांडे ने स्पष्ट किया है कि लोगों के स्वास्थ्य से बढ़कर कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं है, इसलिए व्यापक जनहित में यह कड़ा निर्णय लिया गया है। यह आदेश खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 30(2) के तहत जारी किया गया है, जो राज्य के खाद्य सुरक्षा आयुक्त को जनस्वास्थ्य के हित में किसी भी खाद्य पदार्थ के निर्माण, भंडारण या बिक्री पर एक वर्ष तक रोक लगाने का विशेष अधिकार देता है।

इसके अतिरिक्त, आदेश में खाद्य सुरक्षा और मानक (बिक्री पर प्रतिबंध और निषेध) विनियम, 2011 के नियम 2.3.4 का भी सख्ती से हवाला दिया गया है, जिसके अनुसार खाद्य उत्पादों में सामग्री के रूप में तंबाकू और निकोटीन का उपयोग पूर्णतः वर्जित है।

इस आदेश के जारी होने के साथ ही पूरे राज्य में इसे सख्ती से लागू करने की प्रशासनिक कवायद भी शुरू कर दी गई है। आने वाले दिनों में प्रशासन द्वारा बड़े पैमाने पर सघन चेकिंग और प्रवर्तन अभियान (एनफोर्समेंट ड्राइव) चलाए जाने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। आयुक्त पांडे के अनुसार, इस पूर्ण प्रतिबंध को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सभी जिला अधिकारियों को विशेष रूप से शामिल किया गया है।

पूरे उत्तराखंड में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आपूर्ति श्रृंखला के किसी भी स्तर पर इन प्रतिबंधित उत्पादों का कोई भी अवैध लेन-देन या बिक्री न हो सके और उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

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