उत्तर प्रदेशमेरठ

मेरठ में दर्दनाक हादसा: मां के अंतिम दर्शन को जा रही बेटी की गोवंश से टकराकर मौत, 24 घंटे के भीतर उठे दो जनाजे

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। सरधना क्षेत्र के पौहल्ली गांव की रहने वाली एक महिला अपनी मृत मां के अंतिम दर्शन के लिए मायके जा रही थी, लेकिन रास्ते में एक आवारा गोवंश से बाइक टकराने के कारण हुए भीषण सड़क हादसे में उसकी भी दर्दनाक मौत हो गई। इस मार्मिक घटना ने एक ही परिवार में मातम की दोहरी चादर बिछा दी है, क्योंकि जिस मां के जनाजे में शामिल होने के लिए बेटी निकली थी, वह खुद कफन में लिपट गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरधना के पौहल्ली गांव की निवासी 44 वर्षीय अफशा, पत्नी शकील, रविवार को मवाना थाना क्षेत्र के बिसौला गांव में अपने किसी रिश्तेदार के यहां बच्चे के नामकरण समारोह में शिरकत करने गई थीं। कार्यक्रम के बीच में ही उन्हें यह दुखद समाचार मिला कि मढ़ियाई गांव में रहने वाली उनकी बीमार मां का इंतकाल हो गया है। मां की मौत की खबर सुनते ही अफशा बदहवास हो गईं और आखिरी बार अपनी मां का चेहरा देखने की चाह में तुरंत अपने भतीजे मईनूद्दीन के साथ बाइक पर सवार होकर मढ़ियाई गांव के लिए रवाना हो गईं।

सफर के दौरान जैसे ही उनकी बाइक दौराला थाना क्षेत्र के अंतर्गत दौराला-सरधना मार्ग पर मछरी गांव के सामने पहुंची, तभी अचानक सड़क के बीचों-बीच एक बेसहारा पशु (गोवंश) आ गया। बताया जा रहा है कि बाइक चला रहे भतीजे मईनूद्दीन ने सुरक्षा के लिहाज से हेलमेट पहन रखा था। अचानक पशु के सामने आ जाने से भतीजा कुछ समझ पाता या वाहन की गति पर नियंत्रण कर पाता, इससे पहले ही उनकी बाइक उस पशु से जोरदार तरीके से टकरा गई। इस अप्रत्याशित और भीषण टक्कर के कारण अफशा छिटक कर सड़क पर जा गिरीं और उनके सिर में बेहद गंभीर चोटें आईं, जबकि हेलमेट पहने होने के कारण भतीजे मईनूद्दीन को केवल मामूली चोटें ही आईं।

हादसे की सूचना मिलते ही बदहवास परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल अफशा को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था और डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान अफशा ने दम तोड़ दिया।

इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जो बेटी अपनी मां को आखिरी विदाई देने के लिए बेतहाशा भाग रही थी, वह खुद इस दुनिया को अलविदा कह गई। महज 24 घंटे के भीतर एक ही परिवार से मां और बेटी दोनों का दफीना (सुपुर्द-ए-खाक) होने से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और हर किसी की आंखें नम हैं। सोमवार को बेहद गमगीन माहौल में अफशा के शव को भी सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।

Related Articles

Back to top button