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सुप्रीम कोर्ट ने 12 जून को हुए एयर इंडिया विमान हादसे में ‘पायलट की गलती’ के दावे को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया, केंद्र को नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अहमदाबाद में 12 जून को हुए एयर इंडिया विमान हादसे की स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जाँच की माँग वाली एक जनहित याचिका (PIL) पर केंद्र और अन्य संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अहमदाबाद में 12 जून को हुए एयर इंडिया विमान हादसे की स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जाँच की माँग वाली एक जनहित याचिका (PIL) पर केंद्र और अन्य संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया। विमान दुर्घटना जाँच ब्यूरो (AAIB) के निष्कर्षों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए, शीर्ष अदालत ने “पायलट की गलती” के वृत्तांत को “दुर्भाग्यपूर्ण” बताया और केंद्र व अन्य से जवाब माँगा।

शीर्ष अदालत ने दुर्घटना की स्वतंत्र, निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग वाली जनहित याचिका (पीआईएल) के जवाब में केंद्र और अन्य संबंधित प्राधिकारियों को नोटिस जारी किए।

एनजीओ सेफ्टी मैटर्स फाउंडेशन द्वारा दायर याचिका में विमान दुर्घटना पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा जारी प्रारंभिक रिपोर्ट में कुछ मुद्दों को उठाया गया है। उक्त याचिका में विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) द्वारा 12 जुलाई को जारी प्रारंभिक रिपोर्ट को चुनौती दी गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि इसमें विमान (दुर्घटनाओं और घटनाओं की जांच) नियम, 2017 का उल्लंघन किया गया है, जो जांच के प्रारंभिक चरणों में एकत्र किए गए तथ्यात्मक आंकड़ों का पूर्ण खुलासा अनिवार्य करता है।

इस मामले में अदालत ने कहा, “सरकार को रिपोर्ट दिए जाने से पहले, द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने एक लेख प्रकाशित किया था जिसमें कहा गया था कि हमें अपने सूत्रों से पता चला है कि इस रिपोर्ट में पायलटों को दोषी ठहराया जाएगा… कुछ लीक हुआ था। सभी ने कहा कि यह पायलट की गलती थी… वे बहुत अनुभवी पायलट थे। जो कहानी दी जा रही थी वह यह थी कि पायलटों ने जानबूझकर इंजनों को ईंधन की आपूर्ति बंद कर दी थी।” इस पर न्यायमूर्ति कांत ने जवाब दिया, “ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और गैर-ज़िम्मेदाराना बयान हैं।” उन्होंने आगे कहा कि ऐसे मामलों में गोपनीयता बेहद अहम है।

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