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भारत-पाक तनाव के बीच बढ़ाई गई विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर की सुरक्षा: अतिरिक्त बुलेटप्रूफ वाहन शामिल

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव और नई दिल्ली के इस्लामाबाद के खिलाफ कठोर कूटनीतिक कदमों के बीच विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर की सुरक्षा को और मजबूत किया गया है। समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि केंद्र सरकार ने जयशंकर की सुरक्षा व्यवस्था को उन्नत करते हुए उनके काफिले में एक अतिरिक्त बुलेटप्रूफ वाहन जोड़ा है ताकि देशभर में उनकी यात्रा के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित हो।

वर्तमान में जयशंकर को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) से Z-श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है। इस उन्नयन के बाद उनके काफिले में अब और सुदृढ़ व्यवस्था होगी। यह निर्णय खुफिया एजेंसियों के हालिया खतरे के आकलन के बाद लिया गया, जिसमें विदेश नीति में प्रमुख भूमिका निभाने वाले शीर्ष सरकारी अधिकारियों के लिए बढ़ी हुई सतर्कता की आवश्यकता पर जोर दिया गया था।

पिछले साल अक्टूबर में जयशंकर की सुरक्षा को Y-श्रेणी से बढ़ाकर Z-श्रेणी किया गया था, और उनकी सुरक्षा का जिम्मा दिल्ली पुलिस से सीआरपीएफ को सौंपा गया था। 70 वर्षीय जयशंकर को वर्तमान में सीआरपीएफ की सशस्त्र टीम द्वारा चौबीसों घंटे Z-श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की जा रही है, जिसमें देशभर में उनकी आवाजाही और ठहरने के दौरान एक दर्जन से अधिक सशस्त्र कमांडो शामिल हैं।

सीआरपीएफ की वीआईपी सुरक्षा
सीआरपीएफ वर्तमान में 210 से अधिक लोगों को वीआईपी सुरक्षा प्रदान कर रहा है, जिनमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी, दलाई लामा, और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल हैं। जयशंकर की सुरक्षा बढ़ाने का फैसला 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी, के बाद भारत के निर्णायक सैन्य जवाब और भारत-पाक तनाव के मद्देनजर लिया गया।

भारत में सुरक्षा के प्रकार
भारत में व्यक्तियों को खतरे के स्तर के आधार पर सुरक्षा प्रदान की जाती है। यह सुरक्षा प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, सांसद, विधायक, नौकरशाह, पूर्व अधिकारी, जज, सेलिब्रिटी, धार्मिक नेता और कभी-कभी आम नागरिकों को भी दी जाती है।

भारत में सुरक्षा के पांच स्तर हैं:

  • Z+ (सर्वोच्च स्तर)
  • Z
  • Y+
  • Y
  • X

Z-श्रेणी सुरक्षा क्या है?
Z-श्रेणी भारत में तीसरा सर्वोच्च सुरक्षा स्तर है, जिसमें 22 सदस्यीय सुरक्षा दल शामिल होता है। इसमें शामिल हैं:

  • 4 से 6 एनएसजी (राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड) कमांडो
  • अतिरिक्त पुलिस कर्मी
  • दिल्ली पुलिस, आईटीबीपी (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस) या सीआरपीएफ के जवान

भारत के अधिकांश मुख्यमंत्री अपनी भूमिकाओं और संभावित खतरों के कारण Z-श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त करते हैं।

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