‘क्या यह भारत नहीं है?’: पंजाब में बाढ़ प्रभावित सीमा गांव जाने से रोके जाने पर राहुल गांधी का पंजाब पुलिस से तीखा विवाद
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सोमवार को पंजाब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने अमृतसर पहुंचे, जहां अमृतसर और गुरदासपुर जिलों के बाढ़ पीड़ित परिवारों से मिलने गए। लेकिन गुरदासपुर के रावी नदी के किनारे बाढ़ प्रभावित सीमा गांव ‘تور’ (Toor) जाने से स्थानीय पुलिस और NDRF ने रोक दिया, जिस पर राहुल ने पुलिस से तीखा विवाद किया।
उन्होंने पूछा, “क्या यह भारत नहीं है?” कांग्रेस ने AAP सरकार पर आरोप लगाया कि सुरक्षा का बहाना बनाकर गांव जाने से रोका गया। राहुल का यह दौरा अगस्त 2025 से जारी भारी बारिश और बाढ़ के बाद हुआ, जिसमें 56 से अधिक मौतें हो चुकी हैं।
राहुल ने पहले अमृतसर के अजनाला क्षेत्र के घोनेवाल गांव में बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की, जहां उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। घोनेवाल अजनाला का सबसे प्रभावित गांव है, जहां बाढ़ का पानी घरों में घुस गया और फसलें बर्बाद हो गईं। इसके बाद वे गुरदासपुर के गुरचक गांव गए, लेकिन रावी नदी के पार ‘تور’ गांव जाने की कोशिश में पुलिस ने रोका। राहुल ने कहा, “ये हमारे लोग हैं, भारत के नागरिक। सीमा पर रहने से वे कम महत्वपूर्ण नहीं हो जाते। राज्य और केंद्र सरकारों को राहत और मुआवजा तुरंत पहुंचाना चाहिए।” पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने कहा, “राहुल गांधी को पाकिस्तान से खतरा बताकर रोका गया, जो भारत की मिट्टी पर असुरक्षा दर्शाता है।”
पूर्व पंजाब मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने AAP सरकार की निंदा की, “हमारे लोग वहां रहते हैं। राहुल उनकी भलाई जानना चाहते थे। हम तीन दिनों से मेडिकल कैंप चला रहे हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।” विधायक प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि AAP और BJP नेता सीमा गांवों में कदम नहीं रखे, जबकि राहुल जमीनी स्तर पर पहुंचे। राहुल ने गुरुद्वारा बाबा बूढ़ा साहिब में अरदास की और बाढ़ पीड़ितों के कल्याण के लिए प्रार्थना की।
पंजाब में बाढ़ ने 1988 के बाद सबसे भयानक रूप लिया है। राहुल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें राहत कार्य तेज करें। AAP सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला दिया, लेकिन कांग्रेस ने इसे राजनीतिक साजिश बताया। राहुल का दौरा गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक के गुरचक और दिनानगर के मकोडा पट्टन तक विस्तारित था।