मध्य प्रदेश के अस्पताल के वार्ड में चूहों का वीडियो सामने आने से आक्रोश, जांच के आदेश
मध्य प्रदेश के एक अस्पताल के बच्चों के वार्ड में मरीज के बिस्तर के पास चूहे दिखाने वाला एक वायरल वीडियो स्वच्छता संबंधी खामियों को लेकर आक्रोश पैदा कर रहा है। अधिकारियों ने इस मुद्दे को स्वीकार किया है, जिला कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए हैं और सख्त कार्रवाई का वादा किया है।

मध्य प्रदेश के एक अस्पताल के बच्चों के वार्ड में एक मरीज के बिस्तर के पास चूहों के भागने का वीडियो वायरल हुआ है, जिससे अस्पताल की स्वच्छता और प्रबंधन को लेकर व्यापक आक्रोश और चिंताएँ पैदा हो गई हैं। इस परेशान करने वाले फुटेज ने अस्पताल प्रशासन द्वारा बनाए गए स्वच्छता और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अधिकारियों ने चूक स्वीकार की, कार्रवाई का वादा किया
वीडियो के प्रसारित होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने साफ-सफाई में चूक की बात स्वीकार की और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए और अधिक सख्त कदम उठाने का संकल्प लिया। अधिकारियों ने कहा कि कीट नियंत्रण उपाय पहले से ही लागू हैं, लेकिन अब उन्हें अधिक आवृत्ति और सख्त निगरानी के साथ मजबूत किया जाएगा।
मंडला के जिला कलेक्टर दिलीप कुमार यादव ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और आश्वासन दिया है कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा, “जांच शुरू कर दी गई है और अस्पताल की स्थिति में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।”
अस्पताल प्रबंधन का निरीक्षण व फटकार
वायरल वीडियो के बाद एक वरिष्ठ जिला अधिकारी ने बच्चों के वार्ड का व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को उनकी लापरवाही के लिए फटकार लगाई और उन्हें स्वच्छता और सुविधा रखरखाव में तत्काल सुधार लागू करने का निर्देश दिया। स्टाफ सदस्यों को नियमित रूप से कीट नियंत्रण सुनिश्चित करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त स्वच्छता प्रोटोकॉल बनाए रखने का निर्देश दिया गया।
अस्पताल के रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर डॉ. प्रवीण उइके ने कहा कि कीट नियंत्रण नियमित रूप से किया जाता है, लेकिन अतिरिक्त उपाय भी लागू किए जाएंगे। उन्होंने कहा, “हम नियमित रूप से कीट नियंत्रण करते हैं, लेकिन अगर समस्या बनी रहती है, तो हम इसकी आवृत्ति बढ़ा देंगे और सख्त कदम उठाएंगे।”
मंत्री ने घटना को लापरवाही बताया
मध्य प्रदेश की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री और स्थानीय विधायक सम्पतिया उइके ने भी लोगों के आक्रोश के बाद अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने स्थिति को लापरवाही का स्पष्ट मामला बताया और वरिष्ठ जिला अधिकारी को पूरी जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए दीर्घकालिक सुधारों की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
स्थानीय निवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अस्पताल में स्वच्छता की कमी की निंदा की है और बेहतर रखरखाव तथा सख्त जवाबदेही की मांग की है। जनता और अधिकारियों के बढ़ते दबाव के कारण, अस्पताल प्रशासन को अब अपने स्वास्थ्य सेवा मानकों में जनता का विश्वास बहाल करने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।